
जमशेदपुर : जमशेदपुर के बेल्डीह चर्च स्कूल में सातवीं कक्षा के घायल छात्र रिशांत ओझा के परिजनों के आग्रह पर स्कूल गये भाजपा और आजसू के प्रवक्ताओं पर बिष्टुपुर थाना में बेल्डीह चर्च स्कूल की प्रिंसिपल एल पीटरसन द्वारा की गयी शिकायत पर दर्ज़ मामले में मंगलवार को भाजपा के जिला प्रवक्ता अंकित आनंद और आजसू के प्रवक्ता अप्पू तिवारी को जमानत मिल गयी. मंगलवार को गोलमुरी हनुमान मंदिर में पूजन करने के बाद दोनों नेताओं ने चीफ़ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में सरेंडर किया. सीजेएम अदालत में नेताओं की ओर से अधिवक्ता पप्पू उपाध्यक्ष ने ज़िरह किया.
अदालत ने बिष्टुपुर थाना कांड संख्या 35/2020 मामले में अभियुक्त बनाये गए दोनों ही नेताओं का जमानत स्वीकृत कर दिया. मंगलवार शाम क़रीब पांच बजे भाजपा प्रवक्ता अंकित आनंद और आजसू प्रवक्ता अप्पू तिवारी कोर्ट परिसर से बाहर निकलें. नेताओं ने प्रसन्न मुद्रा में कहा कि झूठ के पांव नहीं होते, सच्चाई हमेशा विजयी होती है. इस दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए आजसू प्रवक्ता अप्पू तिवारी ने यतो धर्म: ततो जय: के श्लोक को दुहराते हुए कहा कि हमनें हिंदुत्व के सम्मान में इस संघर्ष की शुरुआत की है, धर्म ने हमारी रक्षा की है। कहा कि बेल्डीह चर्च स्कूल प्रबंधन की मानवीय संवेदना मृत हो चुकी है, हमने उसे जागृत करने का प्रयास किया है जो एक शाश्वत धर्म कार्य है.
वहीं मामले में भाजपा प्रवक्ता अंकित आनंद ने कहा कि यह संघर्ष घायल छात्र रिशांत ओझा को न्याय दिलाने के साथ हीं हिंदुत्व के मान, सम्मान और स्वाभिमान को ऊंचा बनाये रखने के लिए है. बेल्डीह चर्च स्कूल ने चोटिल हिंदू छात्र को जानबूझकर तड़पता हुआ छोड़ दिया था जो गंभीर लापरवाही के अलावे एक धर्म विशेष के लिए नफ़रत को इंगित करता है. उन्होंने कहा कि मंगलवार सुबह ही गोलमुरी हनुमान मंदिर में बजरंगबली से बेल्डीह चर्च स्कूल की प्रिंसिपल और प्रबंधन से जुड़े लोगों को सद्बुद्धि देने की कामना किया और उस धर्म युद्ध में ईश्वर से विजयी होने का आशीष मांगा.
इस मामले में अभियुक्त नेताओं के केस की पैरवी करने वाले अधिवक्ता पप्पू उपाध्याय ने त्वरित जमानत मिलने पर प्रसन्नता ज़ाहिर कर इसे सत्य की जीत बताया. उन्होंने इस मामले को मानवता और सच्चाई के हित में लड़ी जा रही धर्म युद्ध बताया. अधिवक्ता पप्पू उपाध्याय ने ऐलान किया कि वे इस पूरे केस की पैरवी निःशुल्क करेंगे. उन्होंने कहा कि फ़ीस के रूप में मात्र पांच रुपये की एक कलम स्वीकार्य करेंगे क्योंकि यह मामला शिक्षा और न्याय से जुड़ा है. जमानत मिलने के बाद काफ़ी संख्या में समर्थक भी मौजूद थे. इस दौरान विशेष रूप से अधिवक्ता पप्पू उपाध्याय, अधिवक्ता आनंद झा, अधिवक्ता संजय तिवारी समेत अविनाश सिंह सोनू, अभिषेक ओझा, विकास तिवारी, विजय प्रसाद, नंदजी सिंह, धनंजय सिंह, गौरव कुमार, अमर समेत अन्य मौजूद थें.







