
जमशेदपुर : देश में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के दूसरे लहर का प्रचंड रूप जारी है. हर दिन बढ़ते संक्रमितो और मौत के आंकड़ों ने केंद्र और राज्य सरकारों के साथ स्थानीय प्रशासन की नींद उड़ा दी है. देश में हर तरफ तबाही और मौत का मंजर देखा जा रहा है. लोगों के समक्ष जिंदगी बचाने की चुनौती विकराल होती जा रही है. आर्थिक रूप से लोग टूट चुके हैं. इन सबके बीच झारखंड के निजी स्कूलों का कहर भी चरम पर है. ना तो सरकार, ना ही जिला प्रशासन की ओर से निजी स्कूलों के संबंध में कोई स्पष्ट आदेश जारी किया गया है. वहीं निजी स्कूल लगातार अभिभावकों पर दमनकारी रुख अख्तियार किए हुए हैं. इन सब मांगों को लेकर भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष विमल बैठा शुक्रवार को पूर्वी सिंहभूम जिला मुख्यालय पहुंचे, और मुख्यमंत्री के नाम एक मांग पत्र सौंपा. जिसके माध्यम से उन्होंने निजी स्कूलों के संबंध में स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जाने की मांग की. श्री बैठा ने बताया कि पूरे राज्य के निजी स्कूलों का मनमानी रवैया जारी है. अभिभावक नौकरी बचाने को लेकर जद्दोजहद कर रहे हैं. साथ ही बच्चों के फीस के बोझ तले भी दबते जा रहे हैं. महामारी से ज्यादा चिंता अभिभावकों को स्कूलों के फीस की सताने लगी है. उन्होंने राज्य सरकार से अभिलंब निजी स्कूलों के मामले में दिशा निर्देश जारी किए जाने की मांग की है.



