जमशेदपुर: जमशेदपुर के गोलमुरी श्री शिव मंदिर में नारी जागरण समिति द्वारा आयोजित सप्ताह व्यापी संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तृतीय दिवस वृंदावन धाम से पधारे श्रद्धेय अनूपानंद जी महाराज ने अपने पावन मुखारविंद से श्रीमद्भागवत के पुरंजन उपाख्यान, जड़ भरत चरित्र, भक्त प्रह्लाद कथा प्रसंगों का अत्यंत सरल, सरस एवं प्रभावशाली ढंग से वर्णन किया.श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि ईश्वर का वांग्मय स्वरूप है.(नीचे भी पढ़े)

उन्होंने कहा कि जब मनुष्य अपने जीवन में भगवान के नाम, सत्संग और सद्कर्मों को स्थान देता है, तब उसके जीवन में शांति, संतोष और सकारात्मकता का संचार होता है. महाराज ने ध्रुव चरित्र का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि दृढ़ संकल्प, अटूट श्रद्धा और भगवान के प्रति निष्काम भक्ति से असंभव कार्य भी संभव हो जाता है. बालक ध्रुव की तपस्या और भगवान श्रीहरि के प्रति उसकी अडिग भक्ति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया.कथा के बीच प्रस्तुत मधुर भजनों एवं संकीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर भगवान की भक्ति में स्वयं को समर्पित किया.




