
जमशेदपुर : जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र में झारखंड सिख प्रतिनिधि बोर्ड के अध्यक्ष गुरुचरण सिंह बिल्ला के मामले में जमशेदपुर पुलिस ने पूरे कांड का उदभेदन करने में सफलता पायी है. इसके बाद सिख समुदाय में सीजीपीसी के प्रधान गुरमुख सिंह मुखे के खिलाफ लोगों में गुस्सा है. 9 नवंबर के कांड में सीजीपीसी के प्रधान गुरमुख सिंह मुखे जेल में बंद है और अब पुलिस के अनुसंधान में यह साफ हो गया है कि मुखे ने ही पूरे कांड को अंजाम दिलाया है. वैसे गुरमुख सिंह मुखे प्रधान बनने के पहले भी कई हत्या और अन्य आपराधिक मामलों का आरोपी रहा है.
अब सिख समाज के लोगों की ही हत्या करने की साजिश रचने और वो भी ऐसे पवित्र जगह, जहां सिखों के कल्याण और सिखों के धर्म को लेकर फैसले लिये जाते है, वहां हत्या की साजिश रची गयी तो सिख समाज के लोगों का गुस्सा होना लाजिमी है. यहीं वजह है कि लोगों ने अब सीजीपीसी के प्रधान पद से गुरमुख सिंह मुखे को हटाने की तैयारी कर ली है. सीजीपीसी के प्रधान पद से उनको कैसे हटाया जा सकता है, इसके सारे प्रावधान का अध्ययन किया जा रहा है. इसके बाद इसको लेकर बड़ी बैठक कर इस पर फैसला लिया जायेगा. वैसे सिख समाज के लोगों का एक जत्था जमशेदपुर एसएसपी अनूप बिरथरे से मिलकर मामले के बेहतर अनुसंधान के लिए सम्मानित किया. इस दौरान सीजीपीसी के पूर्व प्रधान इंदरजीत सिंह समेत अन्य लोगों ने इस घटना पर अफसोस जताया और गुरमुख सिंह मुखे जैसे आपराधिक छवि वाले व्यक्ति को सीजीपीसी के प्रधान के पद पर आसीन कराने का जोरदार विरोध किया. इस दौरान लोगों ने संकेत भी दिये कि वे लोग अब बदलाव चाहते है.







