
जमशेदपुर : सोनारी की सिख संगत ने शनिवार को एसडीओ के दरबार में फरियाद लगाते हुए कहा कि सोनारी कमेटी के प्रधान तारा सिंह के साथ सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (सीजीपीसी) की सांठगांठ है और यही कारण है कि न्याय देने की बजाय सीजीपीसी के पदाधिकारी सोनारी की संगत के साथ डांट डपट करते हैं. संगत का नेतृत्व कर रहे बलवीर सिंह गिल एवं गुरुदयाल सिंह ने एसडीओ को लिखित तौर पर बताया है कि गुरुद्वारा कमेटी के संविधान के अनुसार कमेटी का कार्यकाल दो साल का होता है. परंपरा के अनुसार जनवरी में प्रक्रिया शुरू होती है. जनवरी में सोनारी की सिख संगत प्रधान तारा सिंह से मिली तो उन्होंने लोगों को सीजीपीसी में जाने को कहा. सीजीपीसी को लिखित तौर पर दिया गया की सोनारी गुरुद्वारा का संविधान 2 साल की कार्यकाल की इजाजत देता है और अब नए प्रधान के चुनाव के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू हो जानी चाहिए. पहले तो सीजीपीसी के पदाधिकारियों ने टालमटोल किया और उसके बाद सीधे डांटने-डपटने लगे हैं. अब तो सीजीपीसी के पदाधिकारी कहते हैं कि जहां जाना है चले जाओ. कार्यकाल तीन साल का ही होगा. ऐसा कर वे सोनारी गुरुद्वारा कमेटी के संविधान का उल्लंघन कर रहे हैं. 2018 में जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के डीके पांडेय की निगरानी में 2 साल के कार्यकाल के लिए चुनाव हुआ था. यह सब लिखित रूप में है परंतु सीजीपीसी तारा सिंह के साथ सांठगांठ रखने के कारण चुनाव से पीछे भाग रही है. वहीं एसडीओ ने साफ कह दिया कि जो कि अगस्त में चुनाव हुआ था और ऐसे में कमेटी का कार्यकाल 2 साल का है तो चुनाव भी अगस्त महीने में करवाया जाएगा. इसके लिए वे मजिस्ट्रेट को प्रतिनियुक्त भी करेंगे. इस प्रतिनिधिमंडल में मनजीत सिंह, बलवान सिंह, बलदेव सिंह, एचएस बेदी, हरजीत सिंह, सुरजीत सिंह, हरबंस सिंह, अमरजीत सिंह, जोगिंदर सिंह आदि शामिल थे.





