
जमशेदपुर : जमशेदपुर के सोनारी निर्मल बस्ती और रुपनगर बस्ती के बीच चौक पर मंगलवार की रात रोहित पासवान की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. उनकी इस मौत के बाद पुलिस ने रोशन कुमार महतो और विश्वनाथ गोराई को हिरासत में ली है. उनसे पूछताछ की जा रही है. इस पूरे कांड में अब तक के अनुसंधान में यह बातें सामने आयी है कि रोहित पासवान के साथ सियाल, घायल गुड्डू गोस्वामी समेत अन्य लोग थे. बताया जाता है कि रोशन पासवान अपने दल बल के साथ अपने सामानांतर अपराधिक गिरोह चलाने वाले शिबू सिंह सरदार को मारने के लिए उसके घर गया था. उन लोगों ने शिबू को ही मारने की कोशिश की, लेकिन शिबू ने अपने गिरोह के लोगों को उसी समय बुला लिया और उलटा उन लोगों को ही घेर लिया और फिर सारे लोग जब भागने लगे तो रोहित पासवान पकड़ा गया और रोहित को पहले पत्थरों से कूच दिया और फिर उसको गोली मारकर हत्या कर दी. इस दौरान शिबू के अलावा कई और लोग मौजूद थे, जिनके नाम सामने आये है. इस बीच उक्त महिला, जिसको रात में हथेली में गोली लगी थी, उसकी पहचान शिबू सिंह के ही परिजन के रुप में हुई है. बताया जाता है कि गोलीबारी में ही उक्त महिला को भी गोली लगी है, जिससे पुलिस पूछताछ कर रही है. वहीं, कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी बताया है कि रोहित, गुड्डू और अन्य मोटरसाइकिल से एक जन्मदिन मनाकर लौट रहे थे कि रुपनगर चौक के पास शंभू सिंह सरदार, विशाल दत्ता, खोड़ू, करण दत्ता समेत अन्य लोगों ने उनको घेरकर रोका और फिर उसको पत्थरों से हमला किया और फिर गोली मार दी. रोहित खून से लथपथ पड़ा रहा, लेकिन किसी ने मदद नहीं की और अंतत: उसकी मौत हो गयी. रोहित के कनपट्टी में गोली मारी गयी थी. (नीचे देखे पूरी खबर)

दोमुहानी क्षेत्र में पुलिस बलों की हुई तैनाती, हुआ अंतिम संस्कार
दोमुहानी क्षेत्र के रुपनगर बस्ती, निर्मल बस्ती, कमार बस्ती समेत आसपास के इलाके में पुलिस बलों को तैनात कर दिया गया है. इस दौरान अंतिम संस्कार करने के लिए शव को लाया गया. अंतिम संस्कार के दौरान भी पुलिस काफी सतर्क थी कि एक दूसरे पर हमला नहीं हो जाये. (नीचे देखे पूरी खबर)

एक दर्जन लोगों की हो चुकी है हत्या, पुराना है गैंगवार का इतिहास
सोनारी दोमुहानी के निर्मल नगर, रुपनगर और कमार बस्ती में यह दुश्मनी काफी पुरानी है. यहां इन बस्तियों में अपराध की नयी पौध हमेशा तैयार होती रही है. अजीत की हत्या करीब 25 साल पहले हो गयी थी, उसके बाद से यह एरिया किसी न किसी तरह गैंगवार का शिकार रही. 2011 से यहां गैंगवार चलता रहा और पुलिस इस गैंगवार का मोहरा बनती रही क्योंकि आपराधिक गिरोह पुलिस को सूचना देने के नाम पर बरगलाती रही है. दरअसल, यह गैंगवार तब बढ़ा जब वहां शराब का कारोबार बढ़ा. रोहित पासवान के बड़े चाचा रामविलास पासवान शराब का कारोबारी रहा है. इसको लेकर अजीत की हत्या करायी गयी. उसके बाद से राम विलास पासवान और फिर उनके बेटे शशि पासवान का गैंग हावी हो गया. इसके बाद रविदास गिरोह भी तैयार हो गया, जो लगातार पासवान गिरोह पर हमला बोलात रहा. इसी चक्कर में रोहित पासवान का बड़ा चचेरा भाई शशि पासवान की हत्या हुई थी. इसके बाद हत्याओं का सिलसिला चलता रहा. रविदास पर इससे पहले भी हत्या की नियत से कागलनगर के चौक पर हमला किया गया था. इसके अलावा यहां बिरु महाली, कालीचरण महतो, आशीष गोप, सुशील गोप, गिरजा पासवान, विशाल सरदार जैसे लोगों की हत्या हो चुका है. सोनारी निर्मल भवन के पास बिल्डर फणिभूषण महतो के घर में घुसकर गोलियां चलाने की घटना भी घटी थी. विशाल दत्ता रुपनगर का पुराना अपराधी है, जो हाल में शिबू सिंह सरदार के साथ गैंग चला रहा है. वस 2018 में फायरिंग का केस में जेल गया था. कालीचरण हत्याकांड का भी वह आरोपी है.




