जमशेदपुर : फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (एफजेसीसीआइ) एवं सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एससीसीआइ) के संयुक्त तत्वावधान में 1 अगस्त 2026 को बिष्टुपुर चैंबर भवन में “झारखंड में अवसर एवं चुनौतियां : सिम्पोजियम 2026” का आयोजन किया जाएगा. यह आयोजन झारखंड के व्यापार, उद्योग एवं निवेश को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक प्रयास माना जा रहा है.(नीचे भी पढ़ें)
एफजेसीसीआइ के कोल्हान क्षेत्रीय उपाध्यक्ष एवं सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के निवर्तमान अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने बताया कि यह केवल एक संगोष्ठी नहीं, बल्कि झारखंड के आर्थिक भविष्य का रोडमैप तैयार करने का एक सशक्त मंच है. इस आयोजन में झारखंड के सभी चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों, उद्योगपतियों, उद्यमियों एवं व्यापारिक प्रतिनिधियों की सहभागिता रहेगी, जहां झारखंड में उद्योगों की अपार संभावनाओं, निवेश के अवसरों, वर्तमान चुनौतियों, आधारभूत संरचना, एमएसएमई, स्टार्टअप, व्यापार सुगमता तथा औद्योगिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श होगा. (नीचे भी पढ़ें)
मूनका ने बताया कि झारखंड प्राकृतिक एवं खनिज संसाधनों से समृद्ध राज्य है, किन्तु इसकी औद्योगिक क्षमता का अभी भी पूर्ण उपयोग नहीं हो पाया है. ऐसे में यह सिम्पोजियम राज्य में निवेशकों का विश्वास बढ़ाने, नई औद्योगिक इकाइयों को आकर्षित करने, रोजगार के अवसर सृजित करने तथा व्यापारिक वातावरण को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. उन्होंने बताया कि इस सिम्पोजियम के दौरान प्राप्त सभी सुझावों, अनुशंसाओं एवं निष्कर्षों का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर झारखंड सरकार को सौंपा जाएगा, ताकि राज्य की औद्योगिक एवं व्यापारिक नीतियों के निर्माण में इन सुझावों को शामिल किया जा सके. इससे उद्योगों के विकास को नई गति मिलेगी तथा झारखंड निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक गंतव्य बन सकेगा. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने बताया कि इस महत्वपूर्ण सिम्पोजियम में एफजेसीसीआइ के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, मानद महासचिव रोहित अग्रवाल सहित फेडरेशन के अनेक पदाधिकारी विशेष रूप से जमशेदपुर आ रहे हैं. वहीं, सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ लगातार कार्य कर रहे हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि जब पूरा झारखंड व्यापार और उद्योग के साझा भविष्य पर एक मंच से मंथन करेगा, तभी आत्मनिर्भर, समृद्ध एवं विकसित झारखंड का सपना साकार होगा. सिम्पोजियम 2026 इसी परिवर्तनकारी सोच की मजबूत शुरुआत है.




