
जमशेदपुर : जमशेदपुर की सिक्ख संस्था जगती जमीर वाले के सदस्यों ने बेंगलुरु व कर्नाटक में एक स्कूल एवं कॉलेज प्रबंधक के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है. संस्था के सदस्यों ने कहा है कि जब क़ानून हमें इजाज़त देता है तो बार-बार इस तरह की टिप्पणी सिक्खों की दस्तार या उनके पंज ककार के ऊपर क्यों की जाती है. असल में गत दिनों पहले बेंगलुरु एवं कर्नाटक में सिक्ख बच्चों की पगड़ी के ऊपर टिप्पणी करते हुए कहा गया था कि आप पगड़ी उतार के स्कूल में दाखिल हो सकते हैं, जिसका जमशेदपुर की सिक्ख जगती जमीर ने विरोध किया है. संस्था के सदस्यों ने पहले दिल्ली के सिक्ख लीडर सरदार परमजीत सिंह सरना एवं मनजीत सिंह जीके से दूरभाष के ज़रिए बात कर इस घटना के बारे बताया तो उन्होंने बताया कि वहां की मनिस्ट्री को एक पत्र दिया गया था, जिसके बाद वहां के स्कूल प्रबंधक ने सिक्ख बच्चों को पगड़ी पहन कर आने की इजाज़त दे दी है. (नीचे भी पढ़ें)
जगती जमीर के सदस्यों ने परमजीत सिंह सरना एवं मनजीत सिंह जीके को धन्यवाद दिया, पर वहीं सदस्यों ने ये भी कहा की बार-बार इस तरीक़े की घटना क्यों हो रही है. यह चिंता का विषय है. सदस्यों ने कहा कि वे जमशेदपुर की तमाम गुरुद्वारा कमेटियों से मिल कर इस मसले में बात करेंगे और एका की मिसाल क़ायम करने की कोशिश करेंगे. ताकि किसी भी तरीक़े की बेदबी सिक्खों के किरदार या उनके किसी भी धर्मिक चिन्हों से कोई छेड़ छाड़ करने की ज़रूरत न कर सके. इस मामले की जानकारी जगती जमीर के पांच सदस्य रोहित दीप सिंह, मंदीप सिंह, सुखवंत सिंह, जसप्रीत सिंह, एवं हरविंदर सिंह जमशेदपुरी ने दी.







