
जमशेदपुर: झारखंड के सबसे बड़े पर्व मकर की चहल-पहल शुरू हो चुकी है. गौरतलब है कि इस पर्व में झारखंड के जनजातीय समुदाय के लोग विशेष खरीदारी करते हैं. बड़े-बड़े शॉपिंग मॉल के बजाए ये लोग फुटपाथी दुकानों और दैनिक हाटों से ही अपनी जरूरतों के सामानों की खरीदारी करते हैं. जमशेदपुर और आसपास के लोगों के लिए शहर में लगने वाले मंगला हाट ही इनके बजट के अनुरूप होते हैं. पिछले कई महीनों से फुटपाथी दुकानदारों एवं मंगला हाट लगाने वाले दुकानदारों के साथ जिला प्रशासन की रस्साकशी जारी है.

इन सबके बीच मंगलवार को जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए मंगला हाट लगाए जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी और वहां दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति कर दी. उधर मकर के बाजार को देखते हुए मंगला हाट के दुकानदार पूरी तैयारी के साथ पहुंचे थे, लेकिन प्रशासनिक सख्ती के कारण यह दुकानदार बैरंग वापस लौटते नजर आए. दुकानदारों का कहना है, कि जिला प्रशासन के अड़ियल रवैया के कारण उनकी रोजी-रोटी पर आफत आ गई है. हालांकि जिला प्रशासन ने इन्हें आम बागान में दुकानें लगाने की अनुमति दी है, लेकिन मंगला हाट के दुकानदार साकची बाजार और उसके आसपास ही दुकान लगाने पर अड़े हैं. बहरहाल जिला प्रशासन और मंगला हाट दुकानदारों के बीच बढ़ती तल्खी के कारण ना तो खरीदार ही पहुंच रहे हैं, ना ही दुकानदार दुकान लगा पा रहे हैं.



