
जमशेदपुर : टाटा स्टील की सब्सिडियरी वाली कंपनी टाटा रोबिन फ्रेजर (टीआरएफ) पर संकट बरकरार है. कई वर्षों से आर्थिक चुनौतियों से कंपनी जूझ रही है, जिसको बचाने के लिए काफी दिनों से प्रयास चल रहा है. इसके लिए अधिकारियों की लंबी चौड़ी टीम को टीआरएफ में पदस्थापित किया गया था, लेकिन अब बदलाव होने लगा है. टाटा स्टील से टीआरएफ सुधारने के लिए भेजे गये 51 अधिकारियों की टीम को एक साथ टाटा स्टील में बुला लिया गया है. उनको टीआरएफ से टाटा स्टील में नये पदों पर बहाल किया गया है. इसके साथ ही एक अधिकारी को टाटा स्टील से टीआरएफ भेजा गया है. टाटा स्टील में इंजीनियरिंग व प्रोजेक्ट का काम देख रहे हेड सिविल कांट्रैक्ट मोहम्मद फारुक बशा को टीआरएफ भेजा गया है. गुरुवार को इसको लेकर सरकुलर जारी किया गया है. इसके तहत 51 अधिकारियों को टाटा स्टील में वापस बुला लिया गया है. गौरतलब है कि टीआरएफ काफी दिनों से संकट में चल रहा है और कंपनी के समक्ष काफी चुनौतियां है. कई बार बंदी के कगार पर कंपनी पहुंच चुकी है, लेकिन उसको बचाने की कोशिशें तेज हो चुकी है. लेकिन इस नये बदलाव के कारण यह सवाल उठने लगा है कि टीआरएफ क्या फिर से बंदी की स्थिति में आ रही है, लेकिन इसको लेकर अधिकारिक जानकारी टीआरएफ की ओर से नहीं दी गयी है. दूसरी ओर, टीआरएफ प्रबंधन ने एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें सारे कर्मचारियों को कहा गया है कि टीआरएफ के कर्मचारी भीड़ वाले इलाके में नहीं जाये. कोरोना वायरस से बचने की अपील की गयी है.




