
रांची : झारखंड की राजधानी रांची के अधिवक्ता मनोज झा की हत्याकांड से राज खुल गया है. बंगलुरु से रविवार को गिरफ्तार किये गये हत्याकांड के मुख्य आरोपी अफसर उर्फ लंगड़ा को पुलिस सोमवार को मीडिया के सामने लायी और हत्याकांड को लेकर पूरी कहानी क्या सामने आयी है, इसका खुलासा किया. रांची के एसएसपी सुरेंद्र झा के आदेश पर एक टीम ने रविवार को बंगलुरु से मुख्य आरोपी समेतत दो लोगों को गिरफ्तार किया था, जिसमें अफसर आलम और शोएब अख्तर शामिल है. पुलिस ने उनके पास से एक रिवाल्वर और तीन गोली बरामद की है. रांची पुलिस ने इससे पहले चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. आरोपी अफसर ने पुलिस को बताया कि एडवोकेट मनोज झा रांची के संत जेवियर कॉलेज मैनेजमेंट की ओर से रड़गांव में जमीन संबंधित कार्यों की देखरेख करते थे. उक्त जमीन पर मुख्य आरोपी अफसर आलम का कब्जा था और वे लोग दावेदारी करते थे. जेवियर स्कूल ने उक्त जमीन को रड़गांव के शेखराजा के वंशजों से वर्ष 2007 में खरीदा था. उसी समय गांव के ही कुछ लोगों ने इस संबंध में कोर्ट में आवेदन दिया था. कोर्ट में यह मामला चल रहा था. इसके बाद जेवियर कॉलेज के पक्ष में कोर्ट का फैसला आ गया, जिसके बाद उक्त जमीन पर से अफसर आलम का कब्जा हट गया. इसके बाद मनोज झा को रास्ते से हटाने के लिए ही यह कदम उठाया गया. आपको बता दें कि 26 जुलाई को ही रांची निवासी अधिवक्ता 55 वर्षीय मनोज झा की हत्या तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव में की गयी थी.





