
रांची : झारखंड के दुमका की बेटी अंकिता की मौत का मामला अब तुल पकड़ लिया है. इसके लिए कोर्ट ने गृह सचिव और डीजीपी को तलब किया. इस मामले की जांच के लिए एसआईटी द्वारा की जा रही है. वहीं यह मामला अब हाईकोर्ट पहुंच चुका है. मिली जानकारी के अनुसार मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले से जुड़ी फाइलों को साथ डीजीपी और मुख्य सचिव को भी तलब किया है. इसमे चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की खंडपीठ ने मामले में सुनवाई की. वहीं पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया गया है. इस आदेश के बाद डीजीपी हाईकोर्ट में हाजिर हुए. हाईकोर्ट ने उनको आदेश दिया कि तत्काल पहले तो परिवार को सुरक्षा प्रदान किया जाये. दोषियों को तत्काल सजा मिले यह सुनिश्चित कराया जाये. इसके अलावा राज्य में विधि-व्यवस्था को दुरुस्त करने का भी आदेश दिया गया. (नीचे देखे पूरी खबर)

सीआइडी की टीम ने शुरू की जांच
अंकिता हत्याकांड के बाद दुमका में अचानक से सरगर्मी तेज हो गयी है. सीआइडी डीएसपी संदीप कुमार गुप्ता के नेतृत्व में दस सदस्यीय टीम दिवंगत अंकिता के आवास पर पहुंची और छानबीन शुरू की. इस दौरान परिवार के लोगों से भी उन्होंने मुलाकात की. अंकिता के घर पर जांच के लिए पहुंची टीम में फोरेंसिक साइंस लेब्रोटेरी, फिंगर प्रिंट ब्यूरो की टीम है, जो सारी जांच कर रही है. जांच अधिकारियों ने सारे सबूत को इकट्ठा करने का प्रयास किया. कहां क्या लापरवाही हुई है. पुलिस की भूमिका क्या रही है, यह भी जानकारी मांगी गयी है. आपको बता दें कि राज्य सरकार ने दस सदस्यीय एसआइटी का गठन जांच के लिए किया गया था. सीआइडी डीएसपी संदीप कुमार गुप्ता मामले की जांच करेंगे, जिसकी निगरानी खुद एसपी अंबर लकड़ा करेंगे और उनको ही आइओट बनाया गया है. एडीजी मुख्यालय झारखंड पुलिस एमएल मीणा ने बताया कि एसपी की अध्यक्षता में एसआइटी जांच कर रही है. पुलिस अधीक्षक खुद इस घटना के आइओ रहेंगे. (नीचे देखे पूरी खबर)

बाबूलाल मरांडी परिवार से मिले, राज्य सरकार पर बोला हमला
पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी सोमवार की देर शाम को मृतक अंकिता के परिजन से मिलने के लिए पहुंचे. उनके साथ भाजपा विधायक रणधीर सिंह भी थे. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य सरकार की लापरवाही के कारण यह हालात है. मुख्यमंत्री समेत उनका पूरा मंत्रिमंडल मटन खाकर सिटी बजा रहे थे, उसी वक्त रिम्स में बेटी अंकिता तड़प रही थी. श्री मरांडी ने कहा कि इस मामले में सरकार की लापरवाही है और अंकिता का बेहतर इलाज समय पर कराया जाता तो अंकिता की जान बचायी जा सकती थी. उन्होंने कहा कि रांची हिंसा के घायल युवक को बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से दिल्ली भेजा गया था, लेकिन अंकिता के साथ बरबरता हुई, लेकिन उनका इलाज नहीं कराया गया. भाजपा की ओर से परिवार को सहायता देने का वायदा बाबूलाल मरांडी ने किया. बाबूलाल मरांडी ने एसडीपीओ नूर मुस्तफा पर भी सवार उठाये और कहा कि डीएसपी आरोपी शाहरुख को बचाना चाहते थे. उनके रहते अंकिता को न्याय नहीं मिल सकता है. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार आदिवासी के नाम पर राजनीति कर रही है और आदिवासी विरोधी सारे लोग है. उनके भ्रष्ट अधिकारियों के कारण ही पुलिस अधिकारी रुपा तिर्की और संध्या टोपनो की जान जा चुकी है. (नीचे देखे पूरी खबर)

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने झारखंड सरकार को न्याय देने की उठायी मांग
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अंकिता के लिए न्याय की मांग की है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ट्विटर में टैग करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोपी शाहरुख को सजा दिलाने की मांग की गयी है. अपने ट्विट में अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि “झारखंड में छात्रा अंकिता सिंह के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. इस तरह के जघन्य अपराध को देश कभी बर्दाश्त नहीं करेगा. इस मामले की निष्पक्ष जांच हो ताकि मृतका और उनके परिजनों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके.” (नीचे देखे पूरी खबर)

अंकिता को जिंदा जलाकर मारने के मामले में सामने आयी असदुद्दीन ओवैसी की भी प्रतिक्रिया, गुनहगार को कड़ी सजा देने की बात कही
दुमका में शाहरुख द्वारा नाबालिग अंकिता को जिंदा जलाकर मारने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. मामले को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की भी प्रतिक्रिया सामने आयी है. श्री ओवैसी ने दोषी को सख्त सजा देने की मांग की है. असदुद्दीन ओवैसी ने अंकिता को जिंदा जलाने की घटना की निंदा करते हुए कहा कि, इस मामले की सुनवाई के लिए एक विशेष अदालत का गठन किया जाए. श्री ओवैसी ने कहा कि एक युवक द्वारा लड़की को जिंदा जलाए जाने की घटना ‘हैवानियत’ है. एआईएमआईएम प्रमुख ने मीडिया से कहा, ”मैं न केवल इस घटना की निंदा करता हूं, बल्कि झारखंड सरकार से इस मामले से सख्ती से निपटने की मांग भी करता हूं. यदि संभव हो तो इस मामले की सुनवाई के लिए एक विशेष अदालत का गठन किया जाए. आरोपी को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए.





