
रांची : झारखंड के सियासी संकट फिर से गहरा गया है. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके भाई विधायक बसंत सोरेन की विधायकी समाप्त होने वाली है. बस एक से दो दिनों के भीतर ही इसका आदेश जारी हो जायेगा. इस आदेश को लेकर राज्यपाल रमेश बैस और चुनाव आयोग के बीच पत्राचार की प्रक्रिया पूरी हो गयी है. कभी भी सदस्यता जाने को लेकर आदेश जारी हो सकता है. इसको देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक सितंबर को कैबिनेट की बैठक बुला ली है. कैबिनेट की बैठक काफी अहम है, जिसमें कई मुद्दों पर फैसला लिया जा सकता है. (नीचे देखे पूरी खबर)

इस बीच यह संभव है कि अगस्त माह में ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधायकी चली जाये यानी अब बस कुछ घंटे में ही फैसला आ जायेगा. इसको देखते हुए राज्य के सत्ता पक्ष के सारे विधायकों को छत्तीसगढ़ की राजधानी रांची शिफ्ट कर दी गयी है. इन विधायकों को रांची एयरपोर्ट से स्पेशल विमान के जरिये रायपुर भेज दिया गया है. झामुमो, कांग्रेस और राजद के विधायकों को वहां शिफ्ट कर दिया गया है. सभी विधायकों के साथ मुख्यमंत्री ने पहले अपने रांची स्थित आवास में बैठक की. इस बैठक के बाद सभी विधायकों को ट्रांस्फर बस से किया गया. तीन बसों में भरकर सारे विधायकों को रांची एयरपोर्ट ले जाया गया. पहले से ही बैग लेकर गाड़ियां एयरपोर्ट पर पहुंच गयी है. (नीचे देखे पूरी खबर)

सारे लोगों के लिए बोर्डिंग पास पहले से बना हुआ था. एयरपोर्ट पर स्पेशल हवाई जहाज आया. रांची एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सारे विधायक रांची एयरपोर्ट पहुंचे. एक सितंबर को कैबिनेट की बैठक होगी. इस बैठक को लेकर सारे मंत्रियों को सिर्फ रांची में रख लिया गया है. इसके अलावा सारे विधायकों को रायपुर शिफ्ट कर दिया गया है. आपको बता दें कि झामुमो सबसे बड़ी पार्टी है, जिनके पास 30 विधायक है जबकि कांग्रेस के पास 18 विधायक है जबकि राजद का एक विधायक है. सारे मंत्री यहां रहेंगे. कैबिनेट की बैठक के बाद एक सितंबर को ही मुख्यमंत्री समेत सारे मंत्री एक साथ रायपुर जायेंगे. विधायकों को रांची से रायपुर भेजा गया है. जहां न्यू रायपुर सिटी में एक रिसोर्ट बुक किया गया है, जहां सारे विधायकों को रखा जायेगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद सारे विधायकों को हवाई अड्डा से विदायी दी, जिसके बाद सारे विधायकों को लेकर स्पेशल हवाई जहाज लेकर रायपुर चली गयी.






