
रांची : भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भाजपा के प्रदेश मुख्यालय के रांची स्थित दफ्तर में संवाददाता सम्मेलन कर एक और बम फोड़ा है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन द्वारा गलत तरीके से जमीन लेने का आरोप लगाया है. इस संवाददाता सम्मेलन में रघुवर दास के साथ भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी भी थे. उन्होंने कहा है कि पंचायत चुनाव के 15 दिन बाद रांची के मोरहाबादी मैदान में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ खुले तौर पर डिबेट करना चाहते है. रघुवर दास ने कहा कि झामुमो के लोग कह रहे थे कि रघुवर दास कहां गुम हो गये है. इडी की पूजा सिंघल पर की गयी कार्रवाई के बाद पहली बार संवाददाता सम्मेलन करते हुए रघुवर दास ने कहा कि वे हेमंत सोरेन के लूट के महासागर में से रत्न खोजने में व्यस्त थे. इसको एक-एक कर जनता के पास रखेंगे. उन्होंने एक बार फिर से हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन के नाम रांची के अरगोड़ा में खरीदी गयी जमीन का मामला उठाया और कहा कि सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर जमीन को खरीदी गयी है. रघुवर दास ने आरोप लाया कि हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री बनते ही इस मामले में चल रही जांच को अपने पक्ष में कराकर क्लिन चिट ले ली. रघुवर दास यहीं नहीं रुके. उन्होंने दस्तावेजों को रखकर कहा कि पहली डीड में 13 कट्ठा 14 छटांक जमीन अपने नाम कराने के एरज में रैयत को मात्र 4 लाख 16 हजार रुपये दिये गये जबकि जमीन की सरकारी कीमत उस वक्त 34 लाख 93 हजार रुपये थी. दूसरे डीड में 17 कट्ठा 8 छटांक जमीन के एवज में मात्र 5 लाख 25 हजार रुपये बेचने वाले को दिया गया जबकि जमीन की असल कीमत 78 लाख 93 हजार रुपये थी. दोनों डीड में कल्पना सोरेन ने अपने पति यानी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जगह अपने पिता का नाम दिखाया है. डीड में उन्होंने अरगोड़ा थाना क्षेत्र का रहने वाला बताया है जबकि ओड़िशा की रहने वाली हैं. इस तरह यह जमीन खरीद सीएनटी एक्ट का उल्लंघन है क्योंकि सीएनटी एक्ट कहता है कि आदिवासी की जमीन खरीदने और बेचने वाला दोनों एक ही थाना क्षेत्र का होना चाहिए. रघुवर दास ने कहा कि दोनों डीड से यह मामला सीएनटी एक्ट का उल्लंघन के साथ-साथ मनी लांड्रिंग का भी मामला है. उन्होंने कहा कि शुक्रवार को भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल राजभवन जाकर इन मामलों को राज्यपाल से मुलाकात करेंगे. राज्यपाल से मांग की जायेगी कि मुख्यमंत्री पर धारा 19ए के तहत कार्रवाई की जाये और उन्हें मुख्यमंत्री पद से अयोग्य घोषित किया जाये.
सैकड़ों एकड़ जमीन मुख्यमंत्री ने खरीदी है
रघुवर दास ने कहा कि हेमंत सोरेन, उनकी पत्नी और उनके परिवार के लोगों के नाम सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर सैकड़ों एकड़ जमीन खरीदी गयी है. इस प्रकार की खरीद बिक्री में बड़े पैमाने पर पैसों की हेरफेर हुई है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कल्पना सोरेन के नाम पर बीजूपाड़ा में सोहराय लाइव प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर इंडस्ट्रियल लैंड आवंटित की गयी है. उसमें कल्पना सोरेन का 93.33 फीसदी और हेमंत सोरेन की साली सरला मुर्मू के नाम पर 6.77 फीसदी का कंपनी है. सरला मुर्मू दो और कंपनियों की भी डायरेक्टर हैं, जो रक्तपुर प्राइवेट लमिटेड और विहंगम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड हैं. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि उन लोगों को यह आशंका है कि इन दोनों कंपनियों के जरिये अवैध धन को खपाया जा रहा है.
पूजा सिंघल को क्लिन चिट देने के मामले में बोले रघुवर दास
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि उनके कार्यकाल में अगर पूजा सिंघल को उनके कार्यकाल में बचाया गया है तो राज्य सरकार जांच करा लें. रघुवर दास ने बताया कि उ़नके कार्यकाल में अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनायी गयी थी. यह कमेटी पूजा सिंघल पर लगे आरोपों की जांच कर रही थी. चल चत उन्हें पूजा सिंघल के खिलाफ साक्ष्य नहीं मिल पाया, इस कारण क्लिन चिट दे दी गयी होगी. इसमें मुख्यमंत्री या मंत्री की कोई भूमिका नहीं थी. रघुवर दास ने कहा कि क्लिन चिट को लेकर सरकार सवाल उठा रही है तो मामले को सीबीआई जांच के लिए भेज दें. सिर्फ मीडिया में बकबक नहीं करना चाहिए. सरकार उनकी है, उस वक्त की संचिका उनके पास है. जांच कराकर कार्रवाई करने से किसने रोका है. रघुवर दास ने कहा कि सीए सुमन कुमार के घर से बरामद पैसा सरकार की काली कमाई का है. ईडी की कार्रवाई जैसे जैसे आगे बढ़ेगी, बड़े बड़े लोग भी सलाखों के पीछे होंगे. मौजूदा सरकार के मुखिया जनहित की बजाय स्वहित प्राथमिकता है.





