धनबाद : झरिया के पूर्व भाजपा विधायक संजीव सिंह की इच्छा मृत्यु वाले पीटिशन को कोर्ट ने खारिज कर दिया और साथ ही धनबाद जेल सुपरीटेंडेंट को निर्देशित किया कि संजीव सिंह को किसी अस्पताल में भर्ती करवाए. बताते चले कि बुधवार को एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अखिलेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई. कोर्ट में सुनवाई के दौरान संजीव सिंह के वकील मो. जावेद ने कहा कि बेहतर इलाज उनका संवैधानिक अधिकार था, लेकिन उन्हें बेहतर इलाज की सुविधा नहीं दी जा रही है. गरिमा के साथ जीने नहीं दे रहे हैं, तो उन्हें इच्छा मृत्यु दी जाए. इस पर विपक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता अवधेश कुमार ने कहा कि सीआरपीसी में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. (नीचे भी पढ़ें)
इसलिए इस आवेदन को खारिज किया जाए. दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने इच्छा मृत्यु वाली याचिका खारिज कर दी. बताते चले कि बिगड़ते स्वास्थ्य का हवाला दे कर संजीव ने कोर्ट से मेडिकल ग्राउंड पर बेल की मांग की थी. मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर 11 जुलाई को न्यायालय ने बेल पीटिशन को खारिज कर दिया था. इसके बाद 25 जुलाई को धनबाद सत्र न्यायालय से संजीव सिंह ने इच्छामृत्यु की मांग की थी. जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया. मार्च 2017 में हुए शूटआउट को लेकर संजीव सिंह को सजा हुई थी. इसके बाद से वे लगातार जेल में बंद है.





