अनिल कुमार/बोकारो : बोकारो चास तालाब पुनरुद्धार समिति के नेतृत्व में भोलू बांध तालाब की जलकुंभी सफाई एवं जीर्णोद्धार के लिए दो दिवसीय धरना दिया गया. सात एकड़ में फैले भोलू बांध तालाब विगत कई वर्षों से सिकुड़ते-सिकुड़ते लगभग चार एकड़ में सिमट कर रह गया है. वर्षों से जीर्णोद्धार नहीं होने से तालाब मृत होने के कगार पर पहुंच गया है. (नीचे भी पढ़ें)
विगत चार वर्षों में जलकुंभी ने तालाब की सतह को ढंक लिया तब स्थानीय निवासियों ने सामूहिक प्रयास से तालाब की सफाई कराई गयी. किन्तु एक साल के बाद ही तालाब पर जलकुंभी फिर छा गई तब चास नगर निगम ने खानापूर्ति करते हुए थोड़ी सी सफाई कराकर तालाब को वैसे ही छोड़ दिया. समिति की ओर से पत्राचार किये जाने के बाद चास नगर निगम ने सफाई के लिए न कोई उचित कदम उठाये गये और न ही कोई वार्ता की गई. अमृत बाउरी ने कहा कि होली से पहले जलकुंभी की सफाई और होली के बाद जीर्णोद्धार का कार्य नहीं किया गया तो यह सांकेतिक आंदोलन और वृहद रूप ले लेगा.



