नयी दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा कि सीबीआई चीफ की तरह ही मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की जाएगी. इसके लिए कोर्ट ने एक समिति बनाने को कहा है, जिसमें प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया शामिल होंगे.सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारत के प्रधान न्यायाधीश की समिति की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की जाएगी. उच्चतम न्यायालय ने कहा कि अगर नेता प्रतिपक्ष मौजूद नहीं हैं तो लोकसभा में विपक्षी दल के नेता को समिति में लिया जाएगा.(नीचे भी पढ़े)
कोर्ट उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिनमें मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम जैसी प्रणाली बनाए जाने की मांग की गई थी.बता दें कि कॉलेजियम सिस्टम जजों की नियुक्ति के लिए होता है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के जज होते हैं. कॉलेजियम जजों की नियुक्ति के लिए केंद्र सरकार को नाम भेजता है. इस पर केंद्र मुहर लगाती है, जिसके बाद जजों की नियुक्ति होती है. याचिकाकर्ता अनूप बरांवल ने याचिका दायर कर मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम जैसे सिस्टम की मांग की थी.



