अनिल कुमार/बोकारो : बोकारो जिले में आयोजित दिशा की बैठक हंगामेदार रही. हालांकि बैठक में मीडिया के प्रवेश करने पर मनाही थी. दिशा की बैठक की अध्यक्षता कर रहे धनबाद के सांसद पशुपतिनाथ सिंह की कार्यशैली पर बेरमो के कांग्रेस विधायक कुमार जय मंगल सिंह ने सवाल खड़ा कर दिया. इसको लेकर दोनों के बीच बैठक में नोकझोंक हो गई. (नीचे भी पढ़ें)
कांग्रेस विधायक कुमार जय मंगल सिंह ने सांसद पशुपतिनाथ सिंह पर अधिकारियों को बचाने का आरोप लगाया और कहा कि सांसद को अध्यक्षता करने का तरीका ही पता नहीं है. पशुपतिनाथ सिंह मानसिक रूप से दिवालिया हो चुके हैं, क्योंकि बीजेपी उनकी टिकट काट रही है और वह पूरी तरह से बौखला गए हैं, यही कारण है कि जनता के मुद्दों को उठाने से जन प्रतिनिधियों को रोकते हैं. (नीचे भी पढ़ें)
वही भाजपा सांसद पशुपतिनाथ सिंह ने कहा कि बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई. कई मामलों की जांच का आदेश दिया गया. विधायक अनूप सिंह के आरोप पर उन्होंने कहा कि जिसके पिता को मैंने बनाया, जिसके पिता को मैंने बेस्ट विधायक का अवार्ड दिया, वह इस तरह की बात करे तो यह कहीं से शोभा नहीं देता.(नीचे भी पढ़ें)
क्योंकि मेरा राजनीतिक जीवन 28 वर्षों का है और मैं विधायक से लेकर सांसद अभी तक बनता ही आ रहा हूं. सांसद ने कहा कि विधायक अनूप सिंह अधिकारियों पर कार्रवाई करने से रोक रहे थे जिस कारण मैंने रोकने का काम किया था, जबकि वही मुझे बैठक से जाने की बात कह रहे थे. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं बोकारो के भाजपा विधायक बिरंचि नारायण ने कहा कि इस मामले को तूल देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि धनबाद के सांसद काफी लोकप्रिय हैं. ऐसे में उन्होंने सभी को अपनी बात रखने का मौका दिया. सांसद समय से बैठक खत्म करना चाहते थे, जिस कारण उन्होंने सवाल को कम करने की बात जरूर कही थी. किस बात को प्रोसीडिंग बनाना है यह अध्यक्ष का अधिकार है, इसको लेकर कोई अध्यक्ष पर सवाल नहीं खड़ा कर सकता.



