बोकारो: बोकारो के कबड्डी खिलाड़ी सागर कुमार का चयन जूनियर वर्ल्ड कबड्डी चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में किया गया है. दूसरी जूनियर वर्ल्ड कबड्डी चैंपियनशिप उर्मिया (ईरान) में होनेवाली है. बुधवार को 15 सदस्यीय टीम की घोषणा की गयी है. बेटे के चयन को लेकर परिवार वाले उत्साहित हैं. उसके पिता बिपिन कुमार सिंह एसोसिएशन ऑफ झारखंड के जेनरल सेक्रेटरी है. उन्होंने बताया कि बुधवार को 15 सदस्यीय टीम की घोषणा की गयी है. जिसमे उनका बेटा सागर कुमार भी शामिल है. यह टीम 26 फरवरी से पांच मार्च तक चलनेवाली जूनियर वर्ल्ड कबड्डी चैंपियनशिप खेलेगी. पिता ने कहा कि पूरा बोकारो गौरवांवित है. जब वह सेक्टर 8 क्लब में खेलता था तब उसके खेल में रुचि देखकर उसे हरियाणा,पंजाब और भारतीय खेल प्राधिकरण गुजरात में खेलने के लिए भेजा गया था. सागर की मां कंचन सिंह ने कहा कि बहुत वह खुश है.(नीचे भी पढ़े)

उनका बेटा बहुत मेहनत करके इस मुकाम तक पहुंचने का काम किया है. वह लगातार परिवार का नाम रोशन करने की बात करता था, आज उसने कर दिखाया. उसके अंदर कबड्डी नशा है. माँ ने कहा कि बच्चों को डिस्टेंपर अधिक रूचि हो उस पर परिवार वालों को उसका हौसला बढ़ाते हुए उसे आगे बढ़ने का अवसर देना चाहिए.पिता विपिन सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष प्रो- कबड्डी लीग के लिए सागर का चयन पटना पाइरेट्स टीम के लिए किया गया था. सागर नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट हैं. 2020 में रोहतक में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था. सागर की पढ़ाई बोकारो के सरकारी स्कूल से हुई है. वह वर्तमान में ग्रेजुएशन डिस्टेंस कोर्स कर रहा है.(नीचे भी पढ़े)
पूरा परिवार में ही है कबड्डी का खिलाड़ी: सागर की स्कूल के समय से ही कबड्डी में रुचि थी. उसने मुझे अपना आदर्श मानकर कबड्डी में अपना भविष्य बनाने का सोचा हम नहीं चाहते थे कि वह भी कबड्डी में जाए. पिता बिपिन कुमार सिंह खुद कबड्डी के नेशनल प्लेयर रहे हैं. वह 1996 में कर्नाटक में हुए नेशनल खेल चुके हैं. उसका बड़ा भाई सौरभ भी कबड्डी का नेशनल प्लेयर रहा है. वह दादर से बीपीएड का कोर्स कर रहा है. सागर के चाचा संजीव कुमार भी कबड्डी के नेशनल प्लेयर रहे हैं. वर्तमान में वह रेलवे में जॉब कर रहे हैं.



