अनिल कुमार/ बोकारो : बोकारो के चास अंचल स्वर्णकार एवं बाउरी मोहल्ला के महतो बांध स्थित सार्वजनिक तालाब को भरकर उसे हथियाने की कोशिश हो रही है. हालांकि इसके खिलाफ गोलबंद हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन का दरवाजा खटखटाते हुए कहा है कि छठ व दशकर्म में लोग इस तालाब का इस्तेमाल करते थे. तालाब करीब सौ साल पुराना है. (नीचे भी पढ़ें)

ज्ञात हो कि बाउरी मोहल्ला स्थित सौ साल पुराने तालाब को महतो बांध तालाब के नाम से जाना जाता रहा है. आसपास की बस्तियों के लोग इसी तालाब में कपड़े धोते रहे हैं और बस्ती के बच्चे इसमें नहाते भी हैं. यही नहीं, छठ पूजा व दशकर्म में भी तालाब के घाटों का प्रयोग होता रहा है. लेकिन कुछ समय पूर्व भू माफियों की कुदृष्टि इस पर पड़ गयी. भू माफिया तालाब में मिट्टी भर कर एवं बाउंड्रीवाल देकर तालाब की जमीन बेचने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे तालाब के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया है. (नीचे भी पढ़ें)
उधर आस-पास की बस्तियों के लोग इस स्थिति से परेशान हैं. तालाब में जेसीबी चला कर उसे समतल करने के बाद उसकी प्लॉटिंग कर एवं बाउंड्री दे कर बेचने की शुरुआत भी हो रही है. बस्ती वासियों ने कहा कि वे कपड़े धोने व नहाने के लिए तालाब का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं और लोगों को इसके लिए दूर जाना पड़ता है.(नीचे भी पढ़ें)
बताया गया है कि हाई कोर्ट ने जलस्रोत व तालाब के अतिक्रमण को लेकर हाल में कोर्ट द्वारा जारी आदेश के अनुसार निजी जल स्रोतों को भी भरना कानूनन अपराध है. सूत्रों ने बताया कि यहां रात एक बजे तक तालाब में बाउंड्रीवॉल बनाने का काम किया जा रहा है.(नीचे भी पढ़ें)
चास के सीओ ने बताया कि तालाब गैर मजरुआ जमीन पर अवस्थित था. उन्होंने बताया कि उन्होंने इसको लेकर चास थाना को सूचित कर दिया है. कार्रवाई करने को लेकर वहां के लोगो को उनका तालाब वहां फिर से मिल जायेगा.



