अनिल कुमार/बोकारो : बोकारो स्टील के प्रशासनिक भवन के समक्ष धरना दे रहे भवनाथपुर से आये मजदूरों एवं पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी पर किये गये लाठीचार्ज एवं बदसलूके के मामले में पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने सीआइएसएफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है. उन्होंने सीआइएसएफ पर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्रवाई करने का आरोप लगाया है. (नीचे भी पढ़ें)
बता दें कि बोकारो स्टील के प्रशासनिक भवन के समक्ष धरना दे रहे भवनाथपुर से आये सैकड़ों मजदूरों एवं उनके पक्ष में वार्ता के लिए आये पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी पर सीआइएसएफ जवानों ने लाठी चार्ज कर दिया. उन्होंने मजदूरों पर तो लाठियां चलाई ही, पूर्व मंत्री के साथ भी बदसलूकी की. सीआइएसएफ जवानों द्वारा किये गये लाठी चार्ज में दर्जनों मजदूर घायल हो गए, जिनमें से कई घायलों को बोकारो सदर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है. इनमें महिला मजदूर भी शामिल हैं. लाठीचार्ज के बाद बोकारो स्टील प्रबंधन के द्वारा पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी और एवं मजदूर नेताओं को वार्ता के लिए प्रशासनिक भवन के अंदर ले जाया गया, किन्तु घंटों वार्ता के बाद भी मजदूरों के हित में कोई नतीजा नहीं निकल पाया है.(नीचे भी पढ़ें)
वहीं वार्ता से निकलने के बाद केएन त्रिपाठी सदर अस्पताल पहुंचे जहां उन्होंने वहां भर्ती घायल मजदूरों का हालचाल जाना. इसके बाद उन्होंने बीएस सिटी थाना पहुंचकर अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाते हुए सीआइएसएफ के खिलाफ मामला दर्ज कराया है.(नीचे भी पढ़ें)
देर रात तक चली वार्ता के बाद बाहर निकले पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने कहा कि माइंस में 2700 मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से 700 मजदूरों को बीएसएल में भुगतान किया है. बाकी के दो हजार मजदूरों को भुगतान करने से आनाकानी की जा रही है. जब मजदूर वहां काम कर चुके हैं, जिसका उनके पास साक्ष्य भी है, तो उन्हें किसी कीमत पर राशि देनी होगी. प्रबंधन सीआइएसएफ से लाठी चलवा कर मजदूरों का हक और अधिकार छीन नहीं सकती है. औक चूंकी दलित, आदिवासी, महिला पुरुष मजदूरों को बिना किसी बात के पिटाई की गई. उन्होंने इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष ले जाने की भी बात कही है.



