रांची: झारखंड के राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के आखिरी दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य की पहचान और वजूद की जिम्मेदारी आम से लेकर खास तक की होती है. हमने जोहार शब्द का प्रयोग शुरू किया. पहले विपक्ष इसका इस्तेमाल नहीं करता था पर आप देखेंगे कि विपक्ष अपने दफ्तर में जोहार शब्द का बोर्ड बना लिया है. मुख्य न्यायाधीश ने भी अपने अभिभाषण की शुरुआत जोहार के साथ की.सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का आखिर दिन है.पहले दिन चर्चा में जिस तरह से सदस्यों ने हिस्सा तो लगा कि कुछ तो सकारात्मक होगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं नजर नही आया.विपक्ष का कहना है कि राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार ने अपनी बात कही, परंतु वस्तुस्थिति ऐसी नहीं है. उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग बताए कि हमने स्कॉलरशिप की राशि बढ़ायी गयी है या नहीं, 20 लाख लोगों के नए राशन कार्ड बने है या नहीं, झारखंड के बच्चे विदेशों में पढ़ाई कर रहे है या नहीं, ये लोग कहते है कि सरकार ने कुछ नहीं किया, विपक्ष को विश्वास नहीं हो तो जांच करा ले. साथ ही विपक्ष को आड़े हाथ लिया, कहा कि विपक्ष नहीं चाहता है कि आदिवासी का विकास हो, वे बड़े पदो पर आसीन हो. आज विपक्ष में बैठे साथियों ने ही सबसे ज्यादा समय तक राज्य में शासन किया, वे लोग अपनी उपलब्धि बताए,वे लोग सिर्फ पीएम मोदी की उपलब्धि की गिनाते है.(नीचे भी पढ़े)
विदेश में भारत का मान बढ़ा है. लेकिन यह कोई नहीं बता रहा है कि देश की अर्थव्यवस्था कहां गयी है, इस पर इनकी बोलती बंद हो जाएगी. गुजरात में विकास हुआ तो झारखंड में क्यों नहीं हुआ, इस बात पर चर्चा नहीं करेंगे. आखिर झारखंड क्यों पीछे रह गया है. आज जिन अधिकारियों के खिलाफ जांच एजेंसिया काम कर रही है, इनकी सरकार ने ही जमीन दी और उसे सींचा. आज जब पकड़े जा रहे है तो ठिकरा हमारी सरकार पर फोड़ने का प्रयास कर रहे है. हमारी सरकार आदिवासियों, गरीबों व पिछड़े वर्ग के लिए काम कर रही है. हम सब को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते है. 20 सालों के बाद विपक्ष के लोगों को ट्रेनिंग मिल रही है कि विपक्ष में रहकर कैसे काम किया जाता है.मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि विपक्ष में बैठे लोगों की सरकार जो केंद्र में चल रही हैं, उनकी नीतियां ऐसी होती हैं कि लोग परेशान होते हैं. इन्होंने जीएसटी लाया. इससे सालाना सरकार को 5-6 हजार करोड़ का नुकसान है. ये ऐसी नीति ही बनाते हैं कि राज्यों को नुकसान हो. विपक्ष में बैठे वो लोग हैं जिन्होंने 1985 का कट ऑफ डेट बना कर मिठाइयां बांटी, हाथी उड़ा कर जमीन को लूटा. स्कूलों को बंद कराया.



