
जमशेदपुर : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता की अध्यक्षता में वीमेन डॉक्टर्स विंग इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), झारखंड के सहयोग से स्क्रीनिंग आफ कार्सिनोमा सर्विक्स से सम्बन्धित समीक्षा बैठक की गयी. इस बैठक में राज्य के सभी सिविल सर्जन, सरकारी स्त्री रोग विशेषज्ञों, सभी जिलों के अस्पताल प्रबंधक और उपाधीक्षकों को ऑनलाइन जोड़ा गया. आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सहजानंद सिंह ने स्वास्थ्य विभाग, झारखंड सरकार एवं वीमेन डॉक्टर्स विंग के समन्वित प्रयास की प्रशंसा करते हुए बताया कि यह पहल दूसरे राज्यों के लिए भी अनुकरणीय है. विडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान मातृत्व कोषांग प्रभारी की नोडल पदाधिकारी डॉ दीपावली ने बताया कि अप्रैल 2021 से जनवरी 2022 तक 2 लाख 25 हजार 571 महिलाओं की स्क्रीनिंग का लक्ष्य था, जो प्रजनन क्षमता वाली महिलाओं का 6 फीसदी है. उन्होंने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों द्वारा किए गए सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की रिपोर्ट प्रस्तुत की थी. (नीचे भी पढ़ें)
जिसके बाद स्वास्थ्य सचिव ने सभी सम्बन्धित पदाधिकारियों एवं स्त्री रोग विशषज्ञों को निर्धारित लक्ष्य की सिर्फ 39 फीसदी स्क्रीनिंग करने के लिए गंभीर चेतावनी दी. उन्होंने कहा, जिन 11 सदर अस्पतालों में मशीन लगायी गई है वहां का प्रदर्शन भी असंतोषजनक है. वीमेन डॉक्टर्स विंग आई.एम.ए. झारखंड की अध्यक्ष डॉ भारती कश्यप ने बताया कि वीमेन डॉक्टर्स विंग द्वारा लगातार वेबीनारों एवं स्वास्थ्य शिविरों में मशीनों पर हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया जा रहा है. 89 हजार 541 महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग पिछले 9 महीना में हो चुकी है. झारखंड में सर्वाइकल कैंसर की सही स्थिति के आकलन के लिए कई सुझाव दिया गया है कि जिस तरह सभी सरकारी ज़िला अस्पतालों से कार्सिनोमा सर्विक्स का मासिक डेटा एन.आर.एच.एम. को भेजा जाता है, उसी प्रकार राज्य के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर्स, सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों, निजी नर्सिंग होम्स और नेशनल कैंसर प्रोग्राम के द्वारा चलाए जा रहे सभी स्क्रीनिंग कैंप से भी कार्सिनोमा सर्विक्स का मासिक डेटा एन.आर.एच.एम. को भेजा जाए. (नीचे भी पढ़ें)
इस दौरान सुझाव दिया कि सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हर महीने की 9 तारीख को जिस तरह गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक लाने के लिए सहियाओं को मानदेय दिया जाता है, उसी तरह सर्वाइकल कैंसर के लक्षण से ग्रसित महिलाओं को अस्पताल तक लाने के लिए अगर सहियाओं को मानदेय दिया जाए और सुरक्षित मातृत्व अभियान में इसे भी सम्मिलित किया जाए तो उनमें उत्साह बढ़ेगा और सर्वाइकल कैंसर के उन्मूलन में सहयोग मिलेगा. जैसा कि हम सभी जानते हैं कि सर्वाइकल कैंसर प्रजनन क्षमता वाली महिलाओं को ही होता है और एक तरह से अगर हम ऐसे लक्षण वाली महिलाओं के इलाज में शीघ्रता बरतते हैं तो हम उनको सुरक्षित मातृत्व के लिए भी तैयार करते हैं. (नीचे भी पढ़ें)
स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा- समीक्षा बैठक की समाप्ति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक द्वारा की गई. समीक्षा के पश्चात कैंसर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ कनिका गुप्ता (डायरेक्टर, मैक्स हॉस्पिटल, नई दिल्ली) ने राज्य के सरकारी स्त्री रोग विशषज्ञों को कोल्पोस्कोपिक गाइडेड वाया स्क्रीनिंग और सर्वाइकल प्री कैंसर के उपचार के लिए कोल्पोस्कोपिक गाइडेड क्रायो ट्रीटमेंट का प्रशिक्षण दिया गया.
सर्वाइकल कैंसर का लक्षण-
*संबंध बनाने समय रक्त स्राव होना
- मासिक धर्म के बीच में रक्त स्राव होना
- मेनोपॉज की अवस्था के बाद रक्त स्राव होना. (नीचे भी पढ़ें)
भारत में सर्वाइकल कैंसर के आंकड़े-
महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे कॉमन जननांग संबंधी कैंसर. 15 से 44 वर्ष की महिलाओं के बीच पाया जाने वाला सबसे कॉमन जननांग संबंधी कैंसर. पूरे विश्व के सर्वाइकल कैंसर के प्रतिशत का का एक चौथाई भाग भारतवर्ष में सर्वाइकल कैंसर से भारत वर्ष में मृत्यु दर 67 हजार 477 महिलाओं की हुई है. 185 महिलाएं हर दिन सर्वाइकल कैंसर से जिंदगी खो देती हैं. 15 से 44 साल की महिलाओं के बीच में कैंसर से मृत्यु का दूसरा कारण है सर्वाइकल कैंसर. सर्वाइकल फ्री कैंसर सबसे ज्यादा 20 वीं दशक में पाया जाता है और सर्वाइकल कैंसर सबसे ज्यादा 40 में दशक में पाया जाता है.







