
सरायकेला : सरायकेला-खरसावां की कोपरेटिव बैंक शाखा में 33 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में शनिवार को अपराध अनुसाधन विभाग ने कांड के अप्राथमिकी अभियुक्त कौशल कुमार सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया है. कौशल कुमार सिन्हा मुख्य अभियुक्त के सहयोगी के रुप में काम कर रहे थे. इस संबंध में सरायकेला थाना में दर्ज प्राथमिकी के अप्राथमिकी अभियुक्त सरायकेला नगर पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर-5 कंसारी टोला के कौशल कुमार सिन्हा को सरायकेला से कांड के अनुसंधान में आए साक्ष्य के आलोक में गिरफ्तार किया गया. सीआइडी के पुलिस उपाधीक्षक अनिमेष कुमार गुप्ता ने बताया कि कौशल कुमार सिन्हा मुख्य अभियुक्त के सहयोगी के रुप में काम कर रहा था. अनुसंधान के क्रम में प्रकाश में आया कि इनके द्वारा षड़यंत्र के तहत अपनी कंपनी सौरभ इंजिनियरिंग वर्क्स के खाता संख्या-100207 का उपयोग कांड के लिए मुख्य अभियुक्त को राशि स्तानंतरण करने के लिए दिया गया था. उक्त खाते में पैंतीस लाख बहत्तर हजार रुपये स्थानांतरित किया गया था. जिसके बाद 31 लाख रुपये मुख्य अभियुक्त के ऋण खाता संख्या-1037-50135में स्थानांतरित किया गया था. बाकी 4 लाख 72 हजार रुपए का उपयोग उन्होंने स्वंय किया था. सीआइडी डीएसपी ने बताया कि कांड के मुख्य अभियुक्त के फार्म पिंटू इंजिनियरिंग में कौशल कुमार सिन्हा एक निदेशक के रुप में नामित हैं. कौशल कुमार सिन्हा को पूछताछ करने के लिए सरायकेला थाना बुलाया गया था. पुछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं पाए जाने पर अपराध अनुसंधान के पुलिस उपाधीक्षक अनिमेष गुप्ता ने कौशल कुमार को गिरफ्तार कर लिया. उन्होंने बताया कि कांड का मुख्य आरोपित पिंटू इंजिनियरिंग के मालिक संजय डालमिया फारार है. उनकी गिरफ्तारी के लिए छाापेमारी चल रही है. जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी होगी.






