
रांची : झारखंड की राजधानी रांची के कांके थाना क्षेत्र स्थित लॉ यूनिवर्सिटी की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में कोर्ट ने 11 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा देने के बाद गुरुवार को 12वें दोषी को पोस्को सह चिल्ड्रेन के स्पेशल कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजी सुनाई है. साथ ही अदालत ने 60 हजार रुपये दंड भी लगाया है. दंड नहीं देने पर एक साल का अतिरिक्त सजा काटनी होगी. इस मामले में कोर्ट ने कुलदीप उरांव, सुनील उरांव, संदीप उरांव, अजय मुंडा, राजन उरांव, नवीन उरांव, बसंत कच्छप, रवि उरांव, रोहित उरांव, सुनील मुंडा और ऋषि तिर्की को आजीवन कारावास की सजा दी है. नाबालिग का मामला जुवेनाइल जस्टिस से जुड़ा होने के कारण मामला पोस्को के स्पेशल कोर्ट में चला गया था. इस मामले में घटना के 97 दिन बाद दोषियों को सजा सुनाई गई थी. सजा की बिंदू पर सुनवाई करने के बाद प्रधान न्यायायुक्त नवनीत कुमार ने कहा था कि दोषियों ने काफी जघन्य अपराध को अंजाम दिया है. उन्होने कहा कि सामूहिक दुष्कर्म किसी एक के साथ किया जाता है पर इससे परे समाज को ठेस पहुंचती है. इस घटना के बाद छात्रा किस मानसिक संताप के दौर से गुजर रही होगी, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है. बता दे कि 26 नवंबर की देर शाम पीड़िता रांची के संग्रामपुर बस स्टैंड के पास अपने एक साथी के साथ बैठी थी. अचानक वहां बाइक सवार दो युवक पहुंचे. उनके पीछे कार में सात युवक और मौजूद थे. बाइक सवार युवकों ने जबरन उसे उठाया और बाइक पर बैठाकर ले जाने लगे. पास ही के एक नर्सिंग होम के पास बाइक की पेट्रोल खत्म हो गई तो कार में बैठाकर पास ही एक ईट भट्टे में ले गए जहां सभी ने उसके साथ दुष्कर्म किया. थोड़ी देर बाद स्कूटी से तीन और युवक पहुंचे और उन्होने भी दुष्कर्म किया. घटना के बाद पीड़िता ने 27 नवंबर को थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. इस मामले में पुलिस ने 16 लोगो को हिरासत में लिया था. जिसमें 12 लोगों ने खुद ही अपनी जुर्म कबूल कर लिया था. एफएसएल जांच में भी 12 लोगों द्वारा दुष्कर्म की पुष्टी हुई थी. उक्त लड़की जमशेदपुर की रहने वाली थी.





