देवघर : बाबा धाम, देवघर में मंगलवार को श्रावणी मेला विधिवत शुरू हो गया. श्रद्धालुओं के बाबा बैद्यनाथ को जलार्पण शुरू करने के साथ ही पूरा मेला क्षेत्र बोल बम के नारों से गूंजायमान हो उठा. बाबा मंदिर में बाबा बैद्यनाथ की पूजा-अर्चना करनेवाले श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गयी है. (नीचे भी पढ़ें)

दूसरी तरफ देवघर के उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री ने श्रावणी मेला- 2023 के दौरान देवतुल्य श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की. इस दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न बिन्दुओं के अलावा मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर किये गए इंतजाम की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने सीआरपीएफ एवं एनडीआरएफ की टीमों के साथ बैठक कर बाबा मंदिर, आस-पास के क्षेत्रों, भीड़-भाड़ वाले इलाकों व शिवगंगा सरोवर में किये जाने वाले विभिन्न सुरक्षा बिंदुओ पर विस्तार से चर्चा करते हुए करते हुए सीआरपीएफ व एनडीआरएफ की टीमों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये. साथ ही उपायुक्त ने चिह्नित चार स्थलों, शिवगंगा सरोवर, शिवराम झा चौक, बाबा मंदिर के अलावा एक भ्रमणशील टीम को रूट लाइन में एक्टिव रखने का निर्देश एनडीआरएफ के कमान्डेंट को दिया.(नीचे भी पढ़ें)

इसके अलावा उपायुक्त ने बैठक में सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए पार्वती मंदिर में भीड़ नियंत्रण व कतारबद्ध जलार्पण के साथ ही सुरक्षा के दृष्टिकोण से क्यू कम्प्लेक्स इंट्री गेट, संस्कार मंडप, शीघ्र दर्शनम् गेट एवं अन्य इंट्री प्वाइंट्स पर मेटल डिटेक्टर गेट लगाने संबंधी बिन्दुओं पर भी चर्चा की, ताकि इस दिशा में बेहतर कार्य किया जा सके. उपायुक्त ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर एनडीआरएफ व सीआरपीएफ की दोनों टीमों को आपसी समन्वय के साथ बाबा मंदिर प्रांगण, मंदिर के आसपास के क्षेत्र, भीड़-भाड़ वाले इलाकों व शिवगंगा सरोवर में प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया, ताकि किसी आपदा की स्थिति में लोगों का तुरत बचाव किया जा सके. साथ ही, उपायुक्त ने सीआरपीएफ व एनडीआरएफ के अधिकारियों को मेला के दौरान प्रतिनियुक्त टीमों के अलावा क्यूआरटी बनाने का भी निर्देश दिया, ताकि आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई की जा सके. उन्होंने मेला क्षेत्र में प्रतिनियुक्त सभी दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों, केन्द्रीय बल एवं पुलिस बल के जवानों को बाबाधाम आने वाले श्रद्धालुओं से सेवा-भाव व शालीनता से पेश आने का निर्देश दिया ताकि श्रद्धालु अच्छी अनुभूति लेकर वापस लौटें.(नीचे भी पढ़ें)

उपायुक्त ने मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा को लिए किये गए स्वास्थ्य इंतजामों की समीक्षा के क्रम में स्वास्थ्य केन्द्रों, दवाइयों की उपलब्धता, मेला क्षेत्र में चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिनियुक्ति, एम्बुलेंस की उपलब्धता की वास्तविक स्थिति की भी जानकारी ली. साथ ही उन्होंने मेला क्षेत्र के स्वास्थ्य केन्द्रों में ब्रेस्ट फीडिंग कॉर्नरबनाने का सिविल सर्जन को निर्देश दिया. वहीं महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुचना केन्द्रों के साथ स्वास्थ्य केन्द्रों में निःशुल्क सैनिटरी पैड की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया.(नीचे भी पढ़ें)
उपायुक्त ने मेले में तैनात दंडाधिकारियों की मॉनिटरिंग एवं अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तैयार कैजला एप्प के नियमित उपयोग की स्थिति की भी जानकारी ली. साथ हीं सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सभी सीसीटीवी कैमरे एवं आइएमसीआर कंट्रोल रूम को 24 घंटे एक्टिव रखने का निर्देश दिया. उन्होंने मेले के दौरान सभी से आपसी समन्वय के साथ एक्टिव रहने का निर्देश दिया. इस दौरान उपायुक्त के अलावा उप विकास आयुक्त डॉ ताराचन्द, अपर समाहर्त्ता चन्द्रभूषण प्रसाद सिंह, सिविल सर्जन डॉ युगल चौधरी, नजारत उप समाहर्त्ता परमेश्वर मुण्डा, जनसम्पर्क पदाधिकारी रवि कुमार, विवेक मेहता, राजीव कुमार, सीआरपीएफ व एनडीआरएफ के कमान्डेंट, अग्नि शमन पदाधिकारी गोपाल यादव, डीसी सेल के अधिकारी, सहायक जनसम्पर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी भी उपस्थित थे.



