
जमशेदपुर : झारखंड के राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी का रविवार को चाईबासा से जमशेदपुर होते हुए रांची लौटने के क्रम में सरायकेला से लेकर आदित्यपुर तक भाजपाइयों ने गर्मजोशी से स्वागत किया. पूर्व मुख्यमंत्री सह विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जिस घोषणा के साथ हेमंत सोरेन सत्ता में आए थे, वह उसे पूरा ही नहीं कर रहे हैं. यही कारण है कि झामुमो के विधायक ही विरोध कर घर छोड़ रहे हैं. आने वाले समय में कई विधायक घर छोड़ेंगे, यह देखते जाइये. झामुमो अपने एजेंडे पर ही कायम नहीं है. स्थानीय नीति को लेकर स्पष्ट राय ही नहीं बन रही है. बाबूलाल मरांडी के कार्यकाल में डोमेसाइल आंदोलन चला था, इस पर श्री मरांडी से पूछे गये सवाल पर उन्होंने कहा कि हमने कहा 1932 का खतियान लागू कराया था, दिखा दीजिये कोई दस्तावेज है तो. अभी 1985 के बाद को लेकर जो स्थानीय नीति रघुवर दास की सरकार में बनी थी, वह काफी बेहतर थी, उसको ही लागू किया जाना चाहिए. इसको लेकर बेवजह झामुमो आंदोलन कर रही है. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यहां की नियोजन नीति टेन प्लस टू जो झारखंड में पास करेगा उसे ही उसका लाभ मिलेगा, जबकि स्थानीय नीति पर पार्टी के अंदर ही विरोध चल रहा है. ऐसे में सरकार जनता को गुमराह कर सत्ता में बैठी हुई है. उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार ने 28 माह का कार्यकाल पूरा कर लिया जबकि जब मैं मुख्यमंत्री बना था तो 28 माह का ही कार्यकाल था, लेकिन उससे तुलना कर लीजिये, हेमंत सोरेन की सरकार सिर्फ लूटतंत्र में लगा हुई है. सरकार की जिम्मेदारी होती है कि कानून व्यवस्था को लागू करें, लेकिन वर्तमान सरकार में कानून व्यवस्था की कहीं जगह ही नहीं है. अपराध बढ़ रहा है. हत्या राष्ट्रीय औसत से अधिक है. माओवादी गतिविधि बढ़ गई हैं. विकास ठप पड़ा है. कानून का राज नहीं है. अधिकारी अपनी मनमानी से काम कर रहे हैं. बिजली पानी की समस्या लोगों को प्रत्येक दिन उठानी पड़ रही है. यह सरकार काम के लिए नहीं कमाने के लिए आई है. इस संवाददाता सम्मेलन में उनके साथ भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी, भाजपा की प्रदेश स्तरीय नेता रीता मिश्रा, भाजपा के जमशेदपुर महानगर जिला अध्यक्ष गुंजन यादव, महामंत्री राकेश सिंह, महामंत्री अनिल मोदी, प्रवक्ता प्रेम झा समेत अन्य लोग मौजूद थे. (नीचे पढ़े पूरी खबर)

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बरखास्त करें राज्यपाल, सरयू राय भी यहीं डिमांड करें
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वर्तमान सरकार में झारखंड की खनिज संपदा और जमीन लूटे जा रहे है. श्री मरांडी ने कहा कि झारखंड से बालू को प्रशासन के संरक्षण में दूसरे राज्यों में भेजकर बेचा जा रहा है. पीएम आवास के लिए जो बालू ला रहे हैं उन पर केस होता है और बालू माफिया पुलिस प्रशासन के संरक्षण में अपना काम कर रहे हैं. हाल यह है कि मंत्री की बात पुलिस प्रशासन नहीं सुन रही है. राज्य में कानून व्यवस्था ठप्प पड़ गया है. जब नाविक ही नाव डुबोयेगा तो बचाएगा कौन ! हेमंत सोरेन अपने नाम से खनन लीज ले रहे हैं तो राज्य को लूटने से कौन बचा सकता है. हेमंत राज में ही खनन और जमीन लूट हो रही है. इसलिए तो कहते हैं हेमंत है तो लूट का हिम्मत है. हेमंत सोरेन ने खुद के नाम से लीज पर खनिज ले ली, और अब बोल रहे है कि हम वापस कर दे रहे है, इससे अपराध से वे बच नहीं सकते है. राज्यपाल ने इस पर सारे जवाब मांगे है और सरकार को हर हाल में सत्ता से उतरना होगा. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय के घोटाले के बारे में पूछे गये सवाल पर कहा कि सरयू राय को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ही बरखास्त करने की मांग करनी चाहिए क्योंकि जब मुख्यमंत्री ही लूट रहा है तो उनका मंत्री तो लूटेगा ही.
विपक्ष का नेता का अब डिमांड नहीं, अब सत्ता से ही हेमंत बेदखल होंगे और भाजपा की सरकार बनेगी. (नीचे पढ़े पूरी खबर)

कोल्हान की सारी 14 सीट वापस लेंगे
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि विपक्ष का नेता का डिमांड ही अब नही रहा. अब सत्ता से ही हेमंत सोरेन को बेदखल करने की जरूरत है और हर हाल में उसको सत्ता से उखाड़ फेकेंगे और भाजपा की अपनी सरकार बनेगी. इस पर जब पत्रकारों ने पूछा कि इसका फार्मूला क्या होगा तो श्री मरांडी ने कहा कि इसका जनता ही साथ देगी तो बन जायेगा भाजपा की सरकार. कोल्हान में भाजपा की हालत पर चर्चा करते हुए श्री मरांडी ने कहा कि कोल्हान के 14 सीट पर अभी भाजपा हारी है, लेकिन हम लोग सारे 14 सीट पर वापसी करेंगे. उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार के खिलाफ अब जोरदार आंदोलन होगा. आंदोलन शहरी एरिया में होगा क्योंकि पंचायत चुनाव हो रहे है और आचार संहिता लागू हो चुका है. 25 से 30 अप्रैल तक आंदोलन चलाया जायेगा. (नीचे पढ़े पूरी खबर)

भाजपाइयों ने किया आदित्यपुर से लेकर जमशेदपुर तक स्वागत
इससे पूर्व बाबूलाल मरांडी का सरायकेला गैरेज चौक पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया. जहां सरायकेला नगर उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी के नेतृत्व में पूर्व मुख्यमंत्री का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया. वहीं मारवाड़ी युवा मंच द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में पूर्व मुख्यमंत्री ने सदर अस्पताल पहुंच रक्तदाताओं की हौसला अफजाई की और उन्हें प्रमाण पत्र दिए. इधर आदित्यपुर एस टाइप चौक पर भी भाजपा नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया. इस दौरान सैकड़ों भाजपा नेता चिलचिलाती धूप में पूर्व मुख्यमंत्री के स्वागत में पलकें बिछाए खड़े रहे. भाजपा नेता कुमुद रंजन ने बताया कि बाबूलाल मरांडी का सानिध्य प्राप्त होने मात्र से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होता है. उन्होंने बताया कि झारखंड में लूट खसोट की राजनीति हो रही है. पंचायत चुनाव के बाद राज्य में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा. जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर भाजपा सड़क पर उतरेगी और सरकार को घेरने का काम करेगी. दूसरी ओर, जमशेदपुर आने पर सर्किट हाऊस में भी उनका स्वागत किया गया. इस दौरान भाजपा नेता अभय सिंह समेत तमाम बड़े नेताओं और हर मंडलों के अध्यक्षों के नेतृत्व में श्री मरांडी का जोरदार स्वागत किया गया. (नीचे पढ़े पूरी खबर)

रुस और यूक्रेन का युद्ध समाप्त होते ही महंगाई पर लगाम लग जायेगा
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सदन में कुछ बोलते हैं सदन के बाहर उनके नेता और विधायक कुछ बोलते हैं. सरकार कुछ बोलती है सरकारी पदाधिकारी कुछ बोलते हैं. आपसी सामंजस्य किसी में नहीं है. यह सरकार भगवान भरोसे चल रही है. वही भाषा को लेकर उपजे विवाद के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की भाषा हिंदी है, हिंदी में संवाद यहां की प्राथमिकता है. इसको लेकर किसी तरह का बहस या विवाद करना ठीक नहीं है. पूर्व मुख्यमंत्री ने महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार का बचाव करते हुए कहा इसके लिए केंद्र सरकार नहीं बल्कि रूस- यूक्रेन के बीच जारी जंग है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री रूस यूक्रेन के बीच जारी युद्ध रोकने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि देश में जल्द ही महंगाई पर नकेल कसने में केंद्र सरकार सफल होगी. पूर्व मुख्यमंत्री ने स्थानीय और नियोजन नीति के सवाल पर कहा की पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के नियोजन नीति में काफी सहूलियत हो रही थी. मगर वर्तमान सरकार ने जो नियोजन नीति बनाई है उसके चलते राज्य के युवा नौकरी से वंचित हो रहे हैं. सरकार किसी भी मुद्दे पर यहां के लोगों के विश्वास को जीतने में नाकाम रही है. पंचायत चुनाव के बाद इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा. जब भाजपा सड़क पर आंदोलन को बाध्य होगी. उन्होंने कहा पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के शासनकाल में राज्य में उग्रवाद पूरी तरह से काबू में था, मगर वर्तमान सरकार में उग्रवादी फिर से सक्रिय हो रहे हैं. अपराध और अपराधी पूरी तरह से बेलगाम हो चुके हैं. ऐसे सरकार को सत्ता पर बैठे रहने का कोई अधिकार नहीं है.






