जमशेदपुर : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते और घाटशिला से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके बाबूलाल सोरेन के बेटे का अंतिम संस्कार कर दिया गया. उनके पोते के शव को टीएमएच में रखा गया था. वहां से उनके शव को लाया गया. इस दौरान सरायकेला खरसावां जिला के झिलिंगगोड़ा स्थित चंपई सोरेन के पैतृक गांव में शोक का माहौल था. चंपई सोरेन से मिलने वालों और ढांढस बंधाने वालों का तांता लग गया. (नीचे भी पढे़ं)

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन सरायकेला-खरसावां जिले के जिलिंगोड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन के असामयिक निधन पर गहरी शोक-संवेदना व्यक्त की. दिवंगत वीर सोरेन, बाबूलाल सोरेन के ज्येष्ठ पुत्र थे. मुख्यमंत्री ने दिवंगत वीर सोरेन के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, बाबूलाल सोरेन एवं परिवार के अन्य सदस्यों से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया. (नीचे भी पढे़ं)

मुख्यमंत्री ने मरांग बुरु से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकग्रस्त परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, गीता कोड़ा, सांसद जोबा मांझी, सांसद विद्युत वरण महतो समेत राज्य के सारे गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया. इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने अपने पोते को विदाई दी. वे काफी दुखी नजर आये और अपने आंसुओं को भी रोक नहीं पाये.




