गढ़वा : झारखंड के गढ़वा जिले के सिविल सर्जन सहित सारे डॉक्टर एवं अस्पताल कर्मी झामुमो के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी के खिलाफ हड़ताल पर चले गये हैं, जिससे जिले में स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गयी हैं. हड़ताली चिकित्सकों व अस्पताल कर्मियों ने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई किये जाने की मांग करते हुए ऐसा नहीं होने तक अपनी हड़ताल जारी रखने की घोषणा की है. (नीचे भी पढ़ें)
बता दें कि गढ़वा सदर अस्पताल में गुरुवार को झामुमो नेत्री सह जिला परिषद् अध्यक्ष के साथ जिला बीस सूत्री के उपाध्यक्ष व 60-70 झामुमो नेता-कार्यकर्ताओं ने अस्पताल पहुंच कर डीएस व डीपीएम पर तरह-तरह के आरोप लगाते हुए उनके साथ न सिर्फ बदसलूकी की बल्कि मारपीट करने की कोशिश भी की. सिविल सर्जन के अनुसार उनका कहना था कि राज्य में उनकी सरकार है, इसलिए वे जो कहेंगे, उसी के अनुसार चलना होगा. सिविल सर्जन अनिल कुमार ने उन पर सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने और मार-पीट करने की धमकी देने का आरोप भी लगाते हुए कहा कि जिले के चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि उन लोगों ने उक्त घटना के दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर पूरे जिले में हड़ताल शुरू की है. उन्होंने बताया कि जिले के तमाम सरकारी एवं गैर सरकारी चिकित्सक हड़ताल में शामिल हो रहे हैं और जिले में सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं ही चालू रखी जायेंगी, ओपीडी की सेवाएं पूरी तरह बंद हो गयी हैं. उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, उनकी हड़ताल जारी रहेगी.(नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि चिकित्सकों एवं अस्पताल कर्मियों को गंदी-गंदी गालियां देने एवं मारपीट करने के साथ ही उन लोगों ने अस्पताल के कई सामान भी क्षतिग्रस्त कर डाले. सिविल सर्जन ने अपना दुख साझा करते हुए कहा कि वे लोग दिन-रात एक कर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, लोगों की सेवा कर रहे हैं. ऐसे में कोई गालियां दे और मारपीट करे, इसे नहीं सहेंगे और इसके विरुद्ध चरणबद्ध आंदोलन चलायेंगे. ऐसा नहीं होने पर उन्होंने त्यागपत्र देने की भी बात कर डाली. (नीचे भी पढ़ें)
उधर दूसरी तरफ डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल के कारण दूर-दराज से आनेवाले मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.





