
रांची : झारखंड में एक बार फिर से प्रेसर पॉलिटिक्स शुरू हो चुका है. कांग्रेस की आंतरिक राजनीति अब सरकार के लिए भी शामत बनने लगी है. हालात यह है कि राजनीति काफी तेज हो चुकी है. कांग्रेस के विधायक पुलिसिया कार्रवाई से सरकार से क्षुब्द है जबकि बोर्ड और निगम का बंटवारा भी नहीं किया जा रहा है, जिसके बाद से कांग्रेस के विधायक नाराज है. इस नाराजगी के बीच भाजपा के बड़े नेता झारखंड में कैंप कर रहे है और वे लोग किसी तरह कांग्रेस के ही विधायकों को तोड़कर सरकार को ही अस्थिर करने की तैयारी की जा रही है. हालात यह है कि इस नाराजगी को लेकर कई बड़े नेताओं से नयी दिल्ली में कांग्रेस के विधायक मिल चुके है, लेकिन अब तक इसका कोई रास्ता निकलता नहीं नजर आ रहा है. कांग्रेस के लगभग 7 विधायक सरकार से ही नाराज चल रहे है. जो लोग मंत्रिमंडल में शामिल है, वे लोग ही सिर्फ सरकार से खुश है. सरकार से जो लोग बाहर है, वे लोग जरूर खुश नजर आ रहे है. इस बीच कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव को भी बदलने को लेकर दबाव शुरू हो चुका है. इसको लेकर रांची में कांग्रेस के नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक हुई है. इस बैठक में कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव दीपिका पांडेय सिंह मौजूद भी रही और उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और कहा कि वे आलाकमान से जरूर बातचीत कर रास्ता निकाला जायेगा. कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह से लोग पहले ही मिल चुके है जबकि कई लोगों ने तो सोनिया गांधी से भी मुलाकात कर ली है इसको लेकर लगातार नाराजगी का सिलसिला जारी है, जिसको शांत अगर समय रहते नहीं किया गया तो सरकार पर भी आंच आ सकती है.






