रांची: सरायकेला- खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र में 2019 में पांच लोगों की हत्या के मामले में निचली अदालत द्वारा दिए फांसी की सजा को चुनौती देने वाली चुन्नु माझी की सजा के खिलाफ अपील व राज्य सरकार की सजा को कंफर्म करने को लेकर दायर याचिका पर शनिवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद व न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की खंडपीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. (नीचे भी पढ़े)
इस मामले में सरायकेला की निचली अदालत ने 25 सिंतबर 2025 को चुन्नू माझी को उसके रिश्तेदार रवि मांझी, कल्पना, और उसके तीन बच्चे जितेंद्र, सुरेश व पुरेश की टांगी से काटकर निर्मम हत्या कर दी थी. इसी मामले में निचली अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है. साथ ही 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया है. जुर्माना जमा नहीं करने पर दो वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी. जिसे हाई कोर्ट में अपील दाखिल कर चुनौती दी है.(नीचे भी पढ़े)
क्या है मामला: चांडिल निवासी सिद्धू सोरेन के बयान पर कपानी में 2029 को प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. प्राथमिकी के अनुसार 23 फरवरी 2019 को सुबह चार बजे जब वे लोग पुडिसिली अपने ग्र पर सोये हुए थे, तो उसका भाई चुन्नू माझी टांगी लेकर आया. टांगे से दरवाजे पर मारने लगा और बोल रहा था कि उसने रवि माझी, कल्पना, और उसके तीन बच्चों काट दिया है और उसको भी काट देंगे. इसके बाद चुन्नू ने अपनी मां पर भी प्रहार किया. इसके बाद में उसने घर व बाइक में आग लगा दी. जिसके बाद पुलिस ने चुन्नू माझी को गिरफ्तार किया. इस मामले में ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाहों की गवाही करायी गयी थी.







