रांची : झारखंड के आइएएस अधिकारी लगातार चर्चाओं में रह रहे है. इस कड़ी में भ्रष्टाचार के मामले सामने आते रहे है, लेकिन अब एक आइएएस झारखंड के ऐसे है, जो यौन शोषण के आरोपी बन गये है. उक्त आइएएस अभी खूंटी के एसडीओ के पद पर कार्यरत है, जिनका नाम सैयद रियाज अहमद है. खूंटी पुलिस ने एसडीओ को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है और लड़कियों का बयान कोर्ट में करा दिया गया है. 9 लड़कियों ने उनके खिलाफ इंटर्नशिप करने के दौरान छेड़खानी करने और पार्टी के दौरान अश्लील हरकत के साथ ही बलात्कार करने का भी आरोप लगाते हुए एफआइआर लिखकर दिया था, जिसको लेकर एफआइआर पुलिस ने दर्ज कर ली है. उनके खिलाफ बलात्कार करने का मुकदमा दायर किया गया है. एसडीओ के खिलाफ धारा 376डी, धारा 376ए, 323, 504, 506 और आइपीसी 34 और पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दायर किया गया है. बताया जाता है कि लड़की डीसी ऑफिस में बतौर इंटर्नशिप आयी थी. 2 जुलाई की रात एसडीओ ने उक्त लड़की को पार्टी के बहाने बुलाया. पार्टी के ब हाने एसडीओ ने महिला के साथ अश्लील बातें की और फिर उसके साथ बलात्कार किया. यौन शोषण का भी आरोप एक लड़की ने लगाया है. ये सारी छात्राएं आइआइटी की है. कुल आठ लड़कियों ने उसके खिलाफ लिखित शिकायत की है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और सबके खिलाफ बयान दायर करा दिया गया है. सीजेएम कोर्ट में 164 के तहत बयान दायर कर कार्रवाई शुरू करते हुए एसडीओ को हिरासत में लिया गया है और उसको जेल भेजने की तैयारी की जा रही है. बताया जाता है कि एसडीओ ने जिस पीड़िता के साथ यौनशोषण किया है, वह हिमाचल प्रदेश की रहने वाली है. वह एकेडमिक टूर पर थी और यहां इंटर्नशिप कर रही थी. यह आरोप है कि एसडीओ सैयद रियाज अहमद ने शराब पिलाकर पीड़िता का यौन उत्पीड़न किया है. खूंटी के एसडीओ सैयद रियाज अहमद की पत्नी झारखंड के धनबाद की रहने वाली है और उनकी पत्नी छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एसडीओ है.
कौन है आइएएस सैयद रियाज अहमद
सैयद रियाज अहमद को यूपीएससी में वर्ष 2018 में 261वें रैंक से उत्तीर्ण होकर आइएएस बने थे. उनको झारखंड कैडर दिया गया था. सैयद रियाज अहमद नागपुर के रहने वाले है. वे एक बार 12वीं में फेल हो गये थे, जिसके कारण वह फिर पढ़ाई के लिए काफी मेहनत करना शुरू किया. उनके पिता तीसरी पास और माता सातवीं पास है, लेकिन उन्होंने यूपीएससी जैसे देश की सबसे बड़ी परीक्षा को पास किया. वे पुणे में रहकर तैयारी की थी. कई बार असफल होने के बाद सफल हो पाये. इसके बाद वे राज्य सर्विसेज की परीक्षा को पास किया और वे रेंज फारेस्ट ऑफिसर बन गये थे. इसके बाद तैयारी करते गये और अंतत: यूपीएससी में पास किया.






