
रांची : झारखंड में फीस वसूली को लेकर माहौल गरमाने लगा है. स्कूल प्रबंधन फीस की वसूली करने की इजाजत मांगने लगे है और सरकार इसको लेकर दबाव में है. ऐसे में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि सरकार बहुत जल्द अभिभावकों से फीस की वसूली करने की इजाजत दे सकती है. शनिवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से झारखण्ड में अवस्थित आईसीएसई (बोर्ड) स्कूल के प्रधानाध्यापकों ने मुलाकात की. मुख्यमंत्री को सभी ने अवगत कराया कि कोरोना संक्रमण की वजह से स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित है. लेकिन उन्हें लगातार ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है ताकि विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से अवगत कराया जा सके. दूसरी ओर, स्कूल प्रबंधन के दैनिक खर्च में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है. शिक्षक व कर्मियों का वेतन, बस का किराया व अन्य खर्च का वहन प्रबंधन कर रहा है. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा जून माह में फीस से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किया गया था, जिसका स्कूल प्रबंधन पालन कर रहा है. लेकिन विद्यार्थियों की फीस प्राप्त नहीं हो रही है, जिससे स्कूल संचालन में अब परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मुख्यमंत्री से प्रधानाध्यापकों ने हस्तक्षेप कर एक संशोधित दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस दिशा में पहल करेगी. इस मौके पर प्रोविंसल अजित खेस, सेंट फ्रांसिस स्कूल के प्रधानाचार्य फादर मनोज, सेंट एंथोनी के प्रधानाचार्य श्री क्रिस्टोफर, सेंट थॉमस के प्रधानाचार्य रेभ शिबू, विशप वेस्टकॉट की प्रधानाचार्य मिस जेकब एवं सेंट ज़ेवियर स्कूल के प्रधानाचार्य फादर संजय केरकेट्टा उपस्थित थे.




