
जमशेदपुर : जमशेदपुर के मुद्दे को लेकर झारखंड विधानसभा में काफी तीखे सवालों से झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार को जूझना पड़ा. झारखंड विधानसभा में राज्य के पूर्व मंत्री और निर्दलीय के तौर पर जमशेदपुर पूर्वी से विधायक सरयू राय ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया. सरयू राय ने विधानसभा में कहा कि क्या राजस्व वसूली के लिए राज्य सरकार कोई भी गलत काम कर सकती है. सरयू राय ने पूछा कि नियम है कि शराब की दुकानें वैद्य जगहों पर ही खोली जा सकती है, लेकिन जमशेदपुर में कैसे अवैध जमीन पर शराब दुकान चल रही है. इस पर राज्य के मंत्री मिथलेश ठाकुर ने जवखाब दिाय और कहा कि सरकार राजस्व वसूली के लिए गलत काम नहीं करती है. जमशेदपुर में सारी जमीन टाटा लीज की है, जहां रैयत भूमि नहीं है. शराब दुकानों से 130 करोड़ रुपये राजस्व से आता है. ऐसे में अगर कहीं अवैध है तो सरकार उसको देखेगी. इसके अलावा सरयू राय ने 86 बस्ती को मालिकाना हक देने का भी मुद्दाी उठाया. इस दौरान सरयू राय ने कहा कि टाटा लीज से बस्तियों की जमीन बाहर हो चुकी है. जमीन सरकार का अधिग्रहित है. ऐसे में जमशेदपुर में जितनी भी बस्तियां है, उसको सरकार बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं दे रही है. सभी के पास बिजली बिल है और सरकारी रशीद भी है. ऐसे में सरकार को तत्काल मालिकाना हक दे देना चाहिए. इस पर सरकार ने जवाब देने का वक्त भी लिया है. इस दौरान सरयू राय के सवाल पर सरकार की ओर से यह बताया गया कि बर्मामाइंस की तीन दुकानों का लीज रद्द कर दी गयी, जो लीज पर बसा हुआ है. व्यक्तिगत स्वामित्व वाली जमीन नहीं है. ऐसे में लीज को रद्द किया गया है. इस पर विरधख़यक सरयू राय ने कहा कि बर्मामाइंस की तरह ही 38 से 39 दुकानें है, जो अवैध है, इस पर भी इसी तरह की कार्रवाई होनी चाहिए. इस पर मंत्री मिथलेश ठाकुर ने कहा कि जमशेदपुर में सारे व्यवसायिक गतिविधियां टाटा लीज एरिया की जमी नपर ही होती है. इस पर सरयू राय ने कहा कि ऐसे में जमशेदपुर को ”इरेगुलेटरी सिटी” (अनियमित शहर) घोषित कर दिया जाये. सरयू राय ने सदन में कहा कि लीज के समझौता के तहत टाटा स्टील को वहां रह रहे लोगों को पानी की सुविधा देना है. सरकार से को बताना चाहिए कि समझौता के मुताबिक, नागरिकों को यह सुविधा दी जा रही है या नहीं, इसकी जांच के लिए क्या सरकार के पास कोई एजेंसी है या पदाधिकारी है. इसका जवाब मंत्री चंपई सोरेन ने दिया और कहा कि जांच के लिए जमशेदपुर के डीसी है, इस पर श्री राय ने कहा कि डीसी के अनुसार वो इसके लिए जिम्मेवार नहीं है. सरयू राय ने कहा कि जमशेदपुर के कई हिस्से में लोग बिना पानी के नारकीय जीवन जीने को मजबूर है. ऐसे में अगर समझौता का उल्लंघन हो रहा है तो समझौता को वापस ले लिया जाये. उन्होंने कहा कि 2005 में लीज समझौता का नवीकरण किया गया है. हालांकि, सदन में सबसे ज्यादा हंगामा तब हुआ, जब सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच झगड़ा होने लगा. एक दूसरे को लोगों ने आइएसआइ और आरएसएस का एजेंट ठहरा दिया. हंगामा तब बढ़ा, जब स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि भाजपा के लोग नाथूराम गोडसे के प्रेमी है, महात्मा गांधी के नहीं है. इसके बाद भाजपा के विधायक सदन में हंगामा करने लगे और जयश्री राम के नारे लगने लगे. इन लोगों ने हंगामा किया, जिसके बीच में ही स्वास्थ्य विभाग के बजट को पास कर दिया. इस दौरान सरकार की रिपोर्ट भी पेश की गयी. बन्ना गुप्ता ने बताया कि सरकार के आते ही कोरोना का हमला हो गया था. किसी तरह लैब खोला गया, किसी तरह राज्य को संभाला गया. सुदूर गांवों में अस्पताल और चिकित्सा सुविधाएं पहुंचायी है. बन्ना गुप्ता ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व की सरकार ने राज्य में तीन-तीन मेडिकल कॉलेज का प्रधानमंत्री से उद्घाटन करवा दिया, वह सिर्फ चुनावी स्टंट था. उनका प्रेम महात्मा गांधी वाला नहीं, नाथू राम गोड्से वाला है. सदन के बहिष्कार और जय श्रीराम के नारा पर स्वास्थ्य मंत्री ने विपक्ष को घेरा और कहा कि जय श्रीराम का नारा लगाकर विपक्ष क्या बताना चाह रहा है. उनकी तो रग-रग में राम हैं, लेकिन वे राम के नाम पर राजनीति नहीं करते हैं. विपक्ष तो स्वास्थ्य में भी धर्म को जोड़ रहा है. स्वास्थ्य पर चर्चा के दौरान जामताड़ा के विधायक डा इरफान अंसारी ने देवघर के सिविल सर्जन को आरएसएस का एजेंट बताते हुए स्वास्थ्य की दिशा में ठीक से काम नहीं करने की शिकायत आसन से की. इस शिकायत के तुरंत बाद भावनाथपुर के भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही ने डा इरफान अंसारी को आइएसआइ का एजेंट बता दिया. इसके बाद से ही सदन का माहौल गर्म हो गया.



