
रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से रांची के प्रोजेक्ट भवन में कांग्रेस विधायक सह मंत्री आलमगीर आलम, झामुमो विधायक सविता महतो, पूर्व विधायक योगेंद्र महतो एवं प्रदेश कांग्रेस प्रेसिडेंट राजेश ठाकुर ने मुलाकात की. मुख्यमंत्री से मुलाकात के क्रम में सभी ने आग्रह किया कि भाषा को लेकर जो बातें सामने आ रहीं हैं, उस पर जनता की भावनाओं के अनुरूप पुनर्विचार कर राज्य सरकार निर्णय ले. पार्टी का स्टैंड क्या है, उस पर भी चर्चा की गयी. गिरीडीह में होने वाली कांग्रेस के चिंतन शिविर के बारे में भी वहां चर्चा हुई है. आलमगीर आलम ने कहा कि इस मसले पर मुख्यमंत्री ने कहा है कि जल्द ही हम लोग इस पर फैसला लेंगे. पार्टी को उम्मीद है कि जनहित में फैसला लिया जायेगा. इस दौरान झामुमो के पूर्व विधायक योगेंद्र प्रसाद के साथ विधायक सविता महतो ने भी अपनी बातों को रखा. योगेंद्र प्रसाद ने साफ तौर पर कहा कि बोकारो और धनबाद में भोजपुरी और मगही भाषख़ का कोई औचित्य नहीं है. इन दोनों जिले में भोजपुरी और मगही की जरूरत नहीं है. फिलहाल, यह मामला गर्माता नजर आ रहा है. इसको लेकर सरकार में ही अपने अपने वोट बैंक को लेकर सबकी चिंता बढ़ती नजर आ रही है.





