
जमशेदपुर : जमशेदपुर को झारखंड में आत्महत्या की राजधानी मानी जाती है. यहीं वजह है कि यहां आत्महत्या बड़ी पंरेशानी बन चुकी है. इसको रोकने के लिए जीवन संस्था लगातार मेहनत कर रही है. इसको लेकर जगह-जगह टाटा स्टील के सौजन्य से होर्डिंग लगाये गये है, जिसमें किसी को अगर आत्महत्या का ख्याल आये तो वे लोग मदद के लिए किस फोन नंबर पर संपर्क कर सकते है, यह बताया गया था. लेकिन इस होर्डिंग पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता का पोस्टर लग गया है. यह खुलासा उस पत्र के बाद हुआ, जिसे जीवन संस्था के निदेशक डॉ जेआर जैन ने मंत्री को लिखा है. इस पत्र में डॉ जेआर जैन ने लिखा है कि जीवन आत्महत्या निवारण संस्था अवसाद ग्रस्त और आत्महत्या की सोच वाले लोगों को नि:शुल्क भावनात्मक सहयोग प्रदान करता है. यह एक अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘बीफेंडर्स वर्ल्डवाइड’ (इग्ंलैंड) की सदस्य संस्था है, जिसके के करीब 60 देशों मे सदस्य है. हमारे वोलेंटियर्स इसके शोध आधारित पाठ्यक्रम के अनसुार पूर्ण तरह से प्रशिक्षित है. हम जमशेदपुर में सन् 2006 से इस क्षेत्र मे अपनी सेवाएँ दे रहें है. हमारे कार्यों की सराहना करते हुए टाटा स्टील ने हमें अपने कार्यों को सुचारु रुप से चलाने के लिए बिष्टुपुर स्थित 25, क्यू रोड का बंगला आवंटित किया था. हमारी विशिष्ट उपलब्धि है कि वर्ष 2010 में जमशेदपुर के छात्रों की आत्महत्या दर कुल आत्महत्याओं का 21 फीसदी थी, जो 2014 में स्कूलों के लिए जीवन ट्राफी के नाम से वार्षिक प्रतियोगिताएं भी शुरू की. इन सबसे अभिभावकों और विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ी और 2017 से विद्यार्थियों की आत्महत्या दर गिरते हुए 6.5 फीसदी पर आ गयी. आत्महत्याओं के आंकड़े बताते है कि जमशेदपुर के कदमा और सोनारी में सबसे अधिक आत्महत्याएं हो रही है. इसको देखते हुए वहां के लोगों सेहमारी हेल्पलाइन नंबर की जानकारी निरंतरन और आसानी से उपलब्ध हो, इसके लिए टाटा स्टील ने हमारे अनुरोध पर कदमा थाना के सामने और कागलनगर पार्क में दो बड़ी होर्डिंग की जगह आवंटित की और समाज के श्रेष्ठी लोगों ने हमारी नि:स्वार्थ सेवा को ध्यान में रखते हुए वहां होर्डिंग स्ट्रक्चर बनवा दिये, जिससे लोगों को हेल्पलाइन नंबर की जानकारी हो सके. इसका लाभ भी हुआ है और लोग इस नंबर पर मदद भी लेते रहे है. बढ़ती हुई आत्महत्याओं को रोकने का एक कारगर उपाय है कि लोग हमारी हेल्पलाइन पर हमसे संपर्क कर हमसे भावनात्मक सहायता प्रदान करें. हमारी उपरोक्त दो अधिकृत होर्डिंग पर, हमारे हेल्पलाइन नंबर के महत्व को समझकर अनाधिकृत लोग अपनी होर्डिंग हटा लें और आगे भी वहां नहीं लगाये. इसके लिए उन्होंने मंत्री से गुजारिश की है कि वे उनकी मदद करें और इनको शीघ्र हटाने का बंदोबस्त करके अथवा उनको स्वीकृति प्रदान कर इनको अधिकृत रुप से हटाने के लिए अधिकार दें. वैसे इन दोनों होर्डिंग पर मंत्री बन्ना गुप्ता का ही पोस्टर लगाया गया है, जिसको हटाने के लिए इस तरह का पत्र लिखा गया है.





