हजारीबाग : हजारीबाग के बरही में मारे गये रुपेश पांडेय की हत्या के मामले में पुलिस अचानक से काफी सख्ती बरत रही है. शुक्रवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश रुपेश पांडेय के परिजनों से मिलने जा रहे थे. इसी बीच उनको हजारीबाग पुलिस ने बरही से करीब 23 किलोमीटर पहले चरही के पास ही रोक दिया. दीपक प्रकाश के साथ भाजपा के प्रदेश मंत्री बालमुकुंद सहाय, प्रदेश के मंत्री सुबोध सिंह गुड्डू समेत अन्य लोग मौजूद थे. इस दौरान दीपक प्रकाश ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया और सड़क किनारे में ही कुर्सी लगाकर बैठक गये. भारी संख्या में वहां पुलिस बल तैनात थे. दीपक प्रकाश ने पुलिस की इस कार्रवाई को गलत करार दिया और पुलिस अधिकारियों को काफी खरी खोटी सुनायी. (नीचे देखे पूरी खबर)

इससे पहले भाजपा के दिल्ली के पूर्व विधायक कपिल मिश्रा को भी रुपेश पांडेय के परिजनों से मिलने नहीं दिया गया था. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने यहां मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि एक तरफ सरकार के तीन मंत्रियों को बरही जाने की इजाजत दे दी जाती है. वहीं उनको रोका जा रहा है. इससे पता चलता है कि सरकार कितनी डरी हुई है. सरकार के इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या कहा जायेगा. उन्होंने कहा कि वे रुपेश पांडेय को श्रद्धांजलि देन जा रहे थे, लेकिन उनको रोक दिया गया है. भाजपा से झारखंड की सरकार काफी डरी हुई है. घबरायी हुई है. उन्होंने कहा कि उनको यह लिखित तौर पर बताया जाना चाहिए कि उनको क्यों रोका जा रहा है. क्या वे कोई सांप्रदायिक व्यक्तित्व के नेता है. अगर ऐसा है तो उनको क्यों रोका जा रहा है. वे एक जनप्रतिनिधि है, राष्ट्रीय पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष है, ऐसे में उनको रोका जाना गलत है और अब झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार की उलटी गिनती शुरू हो गयी है.



