
रांची : भारत में आज ऐसी सरकार, ऐसे नालायको का जमावड़ा है, जिन्होंने इस देश को कुछ नहीं दिया. लेकिन इस देश के पूर्वजों की संपत्ति को बेच-बेच कर देश को चलाया जा रहा है. कभी ट्रेन, अभी एयरपोर्ट तो कभी हवाई जहाज की बिक्री हो रही है. वह दिन दूर नहीं जब इस देश में खून सस्ता और पानी महंगा होगा. वर्तमान समय में चिंता का विषय है कि आदिवासी, दलित, अल्पसंख्यकों को चक्की में पिसा जा रहा है.

आने वाले समय में हम लोगों ने संघर्ष करना होगा. जिस तरीके से हम लोगों के विरुद्ध नए नए कानून बन रहे हैं, उसमें गरीबों का जीना दूभर हो जाएगा. अभी गणतंत्र दिवस के दिन हमने देखा कि भारत देश आजाद होने के बाद भी किसानों के साथ क्या हुआ. हम लोग कहते हैं. भारत किसान प्रधान देश है. हमारे पूर्वजों ने “जय जवान जय किसान” का नारा दिया था लेकिन लगता है अब किसानों के लिए इस देश में जगह नहीं. ये बातें झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष सह झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कही. वे पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम के जामदा उतरायण क्लब मैदान में आयोजित रैली को संबोधित कर रहे थे. हेमंत सोरेन और उनकी पार्टी के नेता बंगाल के चुनाव में कूद चुके है और लगभग 30 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे है. गुरुवार को बंगाल में हेमंत सोरेन ने बड़ी सभा की, जिसमें जमशेदपुर से जुड़े नेताओं ने हिस्सा लिया.

इसमें जमशेदपुर लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले बहरागोड़ा से विधायक समीर मोहंती, घाटशिला के विधायक रामदास सोरेन के साथ झारखंड टाइगर के नाम से प्रसिद्ध सरायकेला के विधायक सह राज्य के मंत्री चंपई सोरेन ने हिस्सा लिया. इस सभा के दौरान पूर्व मंत्री और जमशेदपुर के ही नेता दुलाल भुइयां, अल्पसंख्यक नेता हिदायतुल्लाह खान, झामुमो के बंगाल प्रभारी बिट्टू मुर्मू, झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्या समेत अन्य लोगों ने हिस्सा लिया. जेएमएम के कार्यकारी अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज जिस प्रकार से चुनाव होते हैं. पैसे और धन दौलत की बदौलत यह सब हो रहा है. आदिवासी दलित समाज अपना हक अधिकार धन दौलत की बदौलत से नहीं ले पाया है. ये लोग पैसे की बदौलत भूमि अधिग्रहण कानून बदलता है, किसानों के लिए कानून बदलता है, पैसे के बदौलत देश की संपत्ति को बेचने लगे हैं. लेकिन यह सुखद है कि समय-समय पर हम लोगों के बीच से ऐसे लोग जरूर आते हैं, जो ऐसे सामंतवादी विचार वालों को मुंहतोड़ जवाब देते हैं. अलग राज्य का सपना देखने की सोच रखने के लिए गुरु जी शिबू सोरेन जब आंदोलन की बात कहते थे तो लोग हंसते थे. लेकिन जिसने लक्ष्य को साधा. वह लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करता है.

हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखण्ड मुक्ति मोर्चा फिर इस क्षेत्र में आयेगा. यहां के आंदोलन के सिपाही जो 70 के दशक के थे, उनको जगाने का कार्य किया जाएगा ताकि इस क्षेत्र में रहने वाले गरीब आदिवासी दलित को अपने हक अधिकार से वंचित न रहना पड़े. झारखण्ड मुक्ति मोर्चा का यह पहला कार्यक्रम है. हमें भीड़ की चिंता नहीं. हम लोग बूंद-बूंद घड़ा भरने वाले लोगों में से हैं. ऐसा कारवां तैयार करने में विश्वास रखते हैं जो रास्ते से कभी डगमगा नहीं सकता. क्षेत्र के लोगों की जो मांग है, उस मांग, अधिकार के साथ हम लोग क्षेत्र में आंदोलन की नई ज्योति जगायेंगे. आपके हक, अधिकार और लड़ाई में हमारे पूर्वजों ने आप का साथ दिया है. आने वाले समय में भी पूरा संगठन बंगाल के क्षेत्र में सक्रिय होगा, जिससे हम अपने पुराने सपने को पूरा कर सकें. सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि पश्चिम बंगाल में होने वाली विधान सभा चुनाव में पार्टी 25 सीटों पर अपना प्रत्याशी देकर चुनाव लड़ेगी. कहा कि कार्यकर्ता पूरे जोश के साथ चुनाव की तैयारी करे बंगाल में भी पार्टी का परचम लहरायेगा.

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव में इस बार पार्टी यहां की माटी और लोगों की हक और अधिकार की मांग को लेकर चुनाव लड़ेगी. श्री सोरेन ने कहा कि बंगाल की जनता ममता बनर्जी के तानाशाही सरकार से त्रस्त है, दूसरी और भाजपा पूंजीपतियों की पार्टी है. झामुमो क्षेत्रीय पार्टी है और माटी से जुड़ी हुई पार्टी है. चुनाव में जनता का झारखंड के तर्ज पर साथ मिलेगा और बंगाल में भी सत्ता का परिवर्तन होगा तभी बंगाल राज्य में सही मायने में विकास होगा और लोगों को उनका हक और अधिकार मिलेगा.

सम्मेलन को मंत्री चंपई सोरेन, विधायक रामदास सोरेन और समीर महंती ने भी संबोधित किया. सम्मेलन में पहुंचे सीएम हेमंत सोरेन समेत अन्य जनप्रतिनिधियों को बंगाल में कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया और फूलमाला पहनाकर लाद दिया. पूरा मैदान झारखंड मुक्ति मोर्चा जिंदाबाद, दिशोम गुरू शिबु सोरेन जिंदाबाद, हेमंत सोरेन जिंदाबाद के नारा से गूंज उठा.



