
जमशेदपुर : झारखंड राज्य के लिए साल का पहला महिना जनवरी में मनाये जाने वाले मकर संक्रांति पर्व से नयी शुरुआत होने वाला सप्ताह होगा. मकर संक्रांति से नये काम की शुरुआत की जाती है. नतीजतन झारखंड सरकार में मंत्रिमंडल का विस्तार इसी सप्ताह हो जायेगा. दिल्ली में यूपीए की बैठक में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहुंच चुके है. हेमंत सोरेन एनआरसी-सीएए बिल को लेकर यह बैठक बुलायी है, लेकिन इसके बाद हेमंत सोरेन की मुलाकात कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ होगी. इसके साथ ही बदलाव की शुरुआत हो जायेगी और मंत्रिमंडल का विस्तार पूरा कर लिया जायेगा. कांग्रेस से दो और लोगों के नाम मंत्रीपद में दिया जाना है जबकि झामुमो के नाम भी इसमें शामिल होगा. मंत्रिमंडल के करीब आठ पद अभी खाली है, जबकि चार मंत्री बन चुके है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अलावा कांग्रेस से आलमगीर आलम और डॉ रामेश्वर उरांव जबकि राजद के कोटे से सत्यानंद भोक्ता को मंत्री बनाया जा चुका है. मंत्रिमंडल विस्तार में अंबा प्रसाद और दीपिका पांडेय सिंह का नाम शामिल है जबकि राजेंद्र सिंह और बन्ना गुप्ता भी मंत्री पद के दावेदार है. इसके अलावा झामुमो से हाजी हैसान अंसारी और संथाल से स्टीफन मरांडी के नाम पर लगभग मुहर लगना बाकि है. कुरमी समुदाय से मथुरा महतो और जगन्नाथ महतो का नाम है जबकि कोल्हान से चंपई सोरेन, जोबा मांझी और दीपक बिरुआ का नाम है. मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने प्रधान सचिव के पद पर किसी प्रशासनिक अधिकारी को पदस्थापित करेंगे. प्रधान सचिव के पद पर पहले से ही विनय चौबे का नाम चल रहा है, लेकिन पुष्टि नहीं की गयी है. खरमास खत्म होने के बाद भाजपा भी कुछ कदम आगे बढ़ायेगी. अब तक भाजपा ने विपक्ष का नेता घोषित नहीं किया है. भाजपा में झारखंड विकास मोरचा का विलय होने वाला है, यह भी 15 जनवरी के बाद साफ हो जायेगा. भाजपा में विलय के बाद यह संभावना जतायी जा रही है कि बाबूलाल मरांडी को ही विपक्ष का नेता बनाया जा सकता है.





