
जमशेदपुर : झारखंड की राजनीतिक सियासत नयी दिल्ली शिफ्ट हो गयी है. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नयी दिल्ली में है और मंत्रिमंडल का विस्तार करने को लेकर रायशुमारी करने वाले है. इसको लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लगातार कांग्रेसी विधायकों से मिलने से परेशान है. कांग्रेसी विधायक उनसे मुलाकात करने के लिए झारखंड भवन तक आ जा रहे है जबकि हेमंत सोरेन चाहते है कि राहुल गांधी या आरपीएन सिंह से सूची लेकर सीधे नामों की घोषणा कर दें, लेकिन हेमंत सोरेन पर ही दबाव बना दिया गया है. दूसरी ओर, नयी दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को चुनाव में हराने के बाद पूर्व मंत्री सरयू राय भी दिल्ली में है. उन्होंने रविवार को एक कार्यक्रम में भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव केएन गोविंदाचार्य से मुलाकात की है जबकि वे सोमवार को भाजपा के राज्यसभा सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सुब्रमण्यम स्वामी से मिलने के लिए पहुंचे है. श्री राय नयी दिल्ली में डॉ सुब्रमण्यम स्वामी के अलावा सुप्रीम कोर्ट के अन्य अधिवक्ताओं से भी मिलकर झारखंड के महाधिवक्ता अजीत कुमार के खिलाफ मुकदमा करने को लेकर सलाह लेंगे. उन्होंने इसको लेकर ट्विट भी किया है और कहा है कि वे इसको लेकर आर या पार की लड़ाई लड़ेंगे और केस भी कर सकते है. गौरतलब है कि अजीत कुमार ने झारखंड में महाधिवक्ता रहते हुए झारखंड बार काउंसिल के माध्यम से निंदा प्रस्ताव पारित करा दिया था, जिसको लेकर उनकी लड़ाई मुख्यमंत्री रघुवर दास के साथ भी हुई है. दूसरी ओर, भाजपा से निष्कासित नेता अमरप्रीत सिंह काले समेत कई अन्य नेता भी दिल्ली पहुंच चुके है. वहां भाजपा के आलाकमान के साथ भी उन लोगों की मुलाकात हो सकती है. वहीं, भाजपा में शामिल होने की अटकलों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी भी दिल्ली आने वाले है. वे मॉरिशस से लौटकर सीधे दिल्ली आएंगे और वहां भाजपा में शामिल होने की घोषणा कर सकते है.






