रांची : कैश कांड में फंसने के कारण निलंबित जामताड़ा विधायक डॉ इरफान अंसारी, कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी एवं खिजरी के विधायक राजेश कच्छप को निलंबन मुक्त कर दिया गया है. इसके साथ ही तीनों की कांग्रेस पार्टी में वापसी हो गयी है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से पूर्व विधानसभा परिसर में ही इसकी घोषणा की.(नीचे भी पढ़ें)
बताते चलें कि पार्टी के उक्त तीनों विधायकों को 30 जुलाई, 2022 को पश्चिम बंगाल के हावड़ा में लाखों रुपये नगद के साथ पकड़े जाने के बाद पार्टी से निलंबित कर दिया गया था. हालांकि कैश कांड में कोलकाता हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद तीनों विधायक निलंबन काल में भी पार्टी की गतिविधियों में शामिल हो रहे थे. जामताड़ा विधायक डॉ इरफान अंसारी ने पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर हाल ही इस संबंध में बताया था कि उनकी निलंबन वापसी को लेकर पार्टी का रुख सकारात्मक है. उन्होंने कहा था कि वे लोग पार्टी के सच्चे कार्यकर्ता हैं और उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है. उन्होंने कहा था कि पार्टी शीघ्र ही उनके निलंबन वापसी पर फैसला लेगा. (नीचे भी पढ़ें)
बता दें कि जामताड़ा विधायक डॉ इरफान अंसारी, कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी एवं खिजरी विधायक राजेश कच्छप 30 जुलाई, 2022 को पश्चिम बंगाल के हावड़ा में नगद 49 लाख रुपये के साथ पकड़े गये थे. पुलिस की पूछताछ में तीनों ने बताया था कि वे विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर आयोजित होने वाले समारोहों के लिए साड़ी, फुटबॉल, जर्सी आदि खरीदने के लिए कोलकाता जा रहे थे. हालांकि पुलिस ने उनकी बात नहीं मानते हुए उक्त मामले की जांच सीआइडी के हवाले कर दिया. उधर बेरमें विधायक अनूप सिंह ने 31 जुलाई को रांची के अरगोड़ा थाना में जीरो एफआइआर दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि इरफान अंसारी ने भाजपा के सहयोग से राज्य की हेमंत सोरेन सरकार को अपदस्थ करने के एवज में उन्हें 10 करोड़ रुपये एवं मंत्री पद दिलाने का प्रलोभन दिया था.




