
रांची : झारखंड के स्कूलों में अब कई और कक्षाओं की शुरुआत की जायेगी. दूसरे राज्यों की तर्ज पर झारखंड में भी प्राइमरी तक के कक्षाओं में पढ़ाई शुरु की जायेगी. राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सह मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने इस संबंध में बातचीत की है. उन्होंने इसकी पुष्टि करते हुए बताया है कि उन्होंने मुख्य सचिव से बातचीत की है. कैबिनेट की बैठक के दौरान भी इसको लेकर चर्चा करने को कहा गया है ताकि स्कूलों को खोला जा सके. खास तौर पर बिहार में स्कूलों को खोला जा चुका है तो झारखंड में भी स्कूलों के सारी कक्षाओं को संचालित किया जा सकता है. सबसे ज्यादा परेशानी स्कूलों को लेकर हुई है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. अब चूंकि, कोरोना के केस में काफी कमी आ चुकी है, इस कारण अब सरकार को स्कूलों को संचालित करना चाहिए. दूसरी ओर, जमशेदपुर के स्कूलों के संचालकों ने अपील की है कि तत्काल इस पर फैसला लिया जाये और अन्य राज्यों की तर्ज पर झारखंड में भी सारे स्कूलों को खोला जाये. (नीचे देखे स्कूल के संचालक क्या कह रहे है)

जेवियर पब्लिक स्कूल, जमशेदपुर
जेवियर पब्लिक स्कूल के ग्रुप डायरेक्टर सुनील सिंह ने कहा है कि ऑनलाइन क्लास से स्कूली बच्चों को उस स्तर की शिक्षा नही मिल पा रही है. उन्होंने कहा है कि बड़े-बड़े चिकित्सक कह रहे है कि बच्चों का इम्युनिटी पावर अधिक है. उन्होंने कहा कि मोबाइल से छोटे बच्चों को क्लास जैसा नही समझाया जा सकता है इसलिए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से उनकी अपील है कि दूसरे राज्यों की तरह यहां भी प्राइमरी स्कूल तक खोलेने की इजाजत दी जाये. (नीचे पढ़े पूरी खबर)

साउथ प्वाइंट स्कूल, मानगो
जमशेदपुर के मानगो स्थित साउथ प्वाइंट स्कूल के चेयरमैन शिवप्रकाश शर्मा पूरे झारखंड में प्रत्येक सरकारी उपक्रम, निजी उपक्रम, दुकान, बाजार, हाट खुल गए हैं. राजनीतिक पार्टियां एवं समाजसेवी संस्थाएं बड़े-बड़े आयोजन खुलेआम कर रही हैं. शादी-विवाह, जन्मदिन आदि की बड़ी-बड़ी पार्टियां की जा रही है. बच्चों के अभिभावक विद्यालय प्रबंधक, प्राचार्या एवं शिक्षकों से बार-बार आग्रह कर रहें हैं कि विद्यालय खोले नहीं तो बच्चें घर में पढ़ाई भूल रहें हैं. उनका स्वभाव चिड़चिड़ा हो रहा हैं जबकि देश प्रसिद्ध डॉक्टर, वैज्ञानिक बोल चुके हैं कि कोरोना का प्रभाव बच्चों पर ना के बराबर हैं. अतः राज्य के मुख्यमंत्री से आग्रह हैं कि देश और राज्य में भविष्य पर ध्यान देते हुए विद्यालय को पहली कक्षा से खोलने का निर्णय ले. (नीचे पढ़े पूरी खबर)

जेवियर इंग्लिस हाईस्कूल
जेवियर इंग्लिश हाई स्कूल के अध्यक्ष अशोक तिवारी का कहना है कि कोरोना काल मे बच्चों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ा है. स्कूली बच्चे को ऑनलाइन पढ़ाई से उस स्तर का पढ़ाने और समझाने में परेशानी है. कोरोना का खतरा भी कम होते जा रहा है. अभिभावक और बच्चे भी चाह रहे है कि स्कूल अब खुल जाए इसलिए सरकार को इस पर सकारात्मक पहल कर प्राइमरी स्कूल भी खोलने की इजाजत दे देनी चाहिए. (नीचे पढ़े पूरी खबर)

साई सरस्वती इंग्लिश स्कूल
साई सरस्वती इंग्लिश स्कूल की सचिव जे शांता ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और आपदा प्रबंधन मंत्री बन्ना गुप्ता से यह आग्रह करती हूं कि जिस तरह कक्षा 9 वी से 12वी तक के बच्चों को स्कूल आने की इजाजत दी है, उसी तरह कक्षा 1 से 8 वी तक के लिए भी आदेश दिया जाये क्योंकि सही मार्गदर्शन के अभाव में बच्चों का शैक्षणिक स्तर गिर रहा है. विद्यालय अपनी तरफ से सुरक्षा नियमों का पालन करने का पूरा प्रयास करेगा.







