रांची: झारखंड में नगर निकाय चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं. राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने गुरुवार को उच्चस्तरीय बैठक में चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की. गोड्डा, दुमका और सरायकेला-खरसावां से मतपेटिका की आवश्यकता, उपलब्धता और मरम्मत से संबंधित तैयारी की रिपोर्ट मांगी गई. मतदान केंद्रों पर विधि व्यवस्था के लिए सुरक्षा बलों की आवश्यकता और उपलब्धता का आकलन करने का निर्देश भी दिया. निर्वाचनकर्मियों, निर्वाची पदाधिकारी, पर्यवेक्षक और अन्य कर्मियों का प्रशिक्षण इसी महीने संपन्न कराने की योजना है. मेयर और अध्यक्ष के आरक्षण को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा और इसे सार्वजनिक किया जाएगा. समीक्षा के दौरान मिल रहे संकेतों के आधार पर कहा जा सकता है कि जल्द ही चुनाव की घोषणा की जाएगी.चुनाव की घोषणा से पहले निर्वाचन कर्मियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा कर लिया जाएगा. (नीचे भी पढ़े)
आयोग मार्च से पहले चुनाव कराने की योजना तैयार कर रहा है. बैठक में गृह सचिव, डीजीपी, नगर विकास सचिव और सभी जिलों के डीसी-एसपी उपस्थित थे. बैठक में राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कई जिलों द्वारा रिपोर्ट नहीं भेजे जाने पर नाराजगी जताई. उन्होंने जल्द से जल्द रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है. ताकि जिलों की कमियों को दूर किया जा सके. मेयर व अध्यक्ष के आरक्षण का रोस्टर को अंतिम रुप दिया जा रहा है,जिसे सार्वजनिक भी किया जाएगा. ताकि सभी को इस आरक्षण का लाभ मिल सके. या फिर कौन सीट आरक्षित है या नहीं इसकी जानकारी मिल सकेगी. तिथि की घोषणा के साथ ही नामांकन की प्रक्रिया एक दो दिनों के अंदर शुरू कर दिया जाएगा. नामांकन के लिए सात दिनों का समय मिल सकता है. पूर्व में उम्मीदवारों को प्रचार प्रसार के लिए 40-45 दिन का समय मिलता था लेकिन इस बार 30-35 दिन ही मिल सकेगा.







