रांची : झारखण्ड को निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का प्रयास शुरू हो चुका है. इसके लिए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन निर्यात व्यवसाय को गति देने एवं बेहतर सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से रांची के धुर्वा में शुक्रवार को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की आधारशिला रखेंगे. इससे पूर्व निर्यात संबंधी गतिविधियों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने राज्य निर्यात संवर्धन समिति और जिला निर्यात संवर्धन समिति का गठन किया है. वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के निर्माण में जुडको परियोजना के निष्पादन के लिए एक तकनीकी और कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में कार्य करेगा. राज्य सरकार वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का निर्माण कर बुनियादी सुविधा को बढ़ावा देने का काम करेगी. वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, रांची कृषि खाद्य उत्पाद, कपड़ा, तसर उत्पाद और इंजीनियरिंग सामान के निर्यात को बढ़ावा देगा. मालूम हो कि झारखण्ड देश में सबसे अधिक रेशम का उत्पादन करता है, जिसका देश के कुल उत्पादन में 76.4 फीसदी हिस्सा है. झारखण्ड से निर्यात हुई वस्तुओं का आकलन करें, तो 2020-21 में राज्य से कुल निर्यात 1,622.31 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। राज्य से निर्यात 2021-22 (फरवरी 2022 तक) में 2,201.55 मिलियन अमेरिकी डॉलर था. राज्य से निर्यात की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में लोहा, इस्पात, ऑटो पार्ट्स, लोहा और इस्पात के उत्पाद हैं. वित्तिय वर्ष 2021- 22 में झारखण्ड से लौह और इस्पात का कुल निर्यात 1.367 बिलियन अमेरिकी डॉलर था, जो कुल निर्यात का 62.1% रहा। लाख का उत्पादन करने वाले कुल 5 राज्यों में से 53% उत्पादन झारखंड करता है. झारखण्ड से निर्यात का 32% दक्षिण एशियाई देश जैसे बांग्लादेश, नेपाल को जाता है. राज्य का 25% निर्यात दक्षिण पूर्व एशियाई बाजारों में जाता है. इसमें वियतनाम सबसे ऊपर है. निर्यात 13% इटली जैसे यूरोपीय देशों और 11% चीन जैसे पूर्वी एशियाई बाजार में किया जाता है.





