रामगोपाल जेना/चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय सभागार में मंगलवार को विश्वविद्यालय का 7वां दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ. मुख्य अतिथि, राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने समारोह का उद्घाटन किया. कुलपति डॉ अंजिला गुप्ता ने राज्यपाल एवं आगत अतिथियों सहित सभी का स्वागत किया. समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों के कुल 224 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 39 पीएचडी, 132 स्नातकोत्तर, 17 पीजी मेडिकल डिप्लोमा और 10 एमएड की उपाधियां शामिल थीं. (नीचे भी पढ़ें)

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लेने का अवसर भी है. उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी शिक्षा का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास में करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ स्थानीय जनजातीय भाषाओं, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं विकास पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्र में स्थित कोल्हान विश्वविद्यालय की शिक्षा और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका है. आधुनिक शिक्षा के साथ स्थानीय जनजातीय भाषाओं, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं विकास पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है. दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक हासिल करने वालों में छात्राओं का दबदबा स्पष्ट दिखाई दिया. उन्होंने कहा कि कोल्हान विश्वविद्यालय की अपनी अलग पहचान है. जनजातीय क्षेत्र में स्थित यह विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. कोल्हान क्षेत्र अपनी समृद्ध जनजातीय और सांस्कृतिक विविधता के लिए जाना जाता है. सत्र 2023-25 के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के विभिन्न विषयों में विश्वविद्यालय के जिन टॉपरों को सम्मानित किया गया उनमें एंथ्रोपोलॉजी विभाग की जुरा बारी, बांग्ला की लक्ष्मी मनी मुर्मू, बॉटनी में ज्योत्स्ना रानी जेना, केमिस्ट्री में कृति दीपा मोहंता, कॉमर्स में अमिला सिंकू, इकोनॉमिक्स में विमल बरजो, अंग्रेजी में कुमारी प्रियंका महतो, भूगोल में शुभदीप हलदर, हिंदी में संजय सोलोमन, इतिहास में वर्षा साथुआ, होम साइंस में गुरुमनी सरदार, हो में मादे कोड़ाह, कुड़माली में बाल किशोर महतो, गणित में सरोज कुमार आदित्य, ओड़िया में सस्मिता गिरि, दर्शन शास्त्र में शिवा पुर्ती, राजनीति विज्ञान में सागर कुमार, फिजिक्स में लाल मुर्मू, मनोविज्ञान में आरती कुमारी, संस्कृत में रूपा सिंह मुंडा, संताली में गौरांग मुर्मू, उर्दू में मो मिन्हाज आलम एवं जूलॉजी में वजीहा खुर्शीद के नाम शामिल हैं.




