
चाईबासा : राज्य के पीएचईडी मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर के चाईबासा दौरे के क्रम में प्रमंडलीय प्रशिक्षण में बने क्वारंटाइन सेंटर का निरीक्षण करने पर उपायुक्त अरवा राजकमल ने स्थिति को साफ कर दिया है. उपायुक्त ने सिविल सर्जन के बयान को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि मंत्री को सेल्फ क्वारंटाइन की जरूरत ही नहीं है. उपायुक्त अरवा राज कमल ने कहा कि मंत्री श्री ठाकुर ने सिर्फ क्वारंटाइन सेंटर का निरीक्षण किया है. कोरोना मरीज के फ्लोर में न तो वे गए और न ही उसके संपर्क में आये. साथ ही कोरोना की रिपोर्ट आने से पहले उनका निरीक्षण किया गया था. जहां तक सिविल सर्जन का बयान है तो वे खुद मंत्री के साथ क्वारंटाइन सेंटर में निरीक्षण के दौरान मौजूद थीं. यहां तक कि कई पत्रकार भी मौजूद थे. मंत्री के पहले डीसी-एसपी और कई अधिकारी के द्वारा भी उस क्वारंटाइन सेंटर का निरीक्षण किया गया था. उपायुक्त अरवा राज कमल ने कहा कि क्वारंटाइन की जरूरत उन्हें होती है, जो कोरोना मरीज के संपर्क में आते हैं. मालूम रहे की चाईबासा में एक कोरोना पोजिटिव की पुष्टि के बाद भ्रामक खबर फैलायी गयी थी कि मंत्री मिथिलेश ठाकुर मरीज के संपर्क में आये थे. इसलिए उन्हें सेल्फ क्वारंटाइन में जाना चाहिए. लेकिन अब डीसी ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा है कि मंत्री श्री ठाकुर मरीज के संपर्क में नहीं आये थे, इसलिए उन्हें सेल्फ क्वारंटाइन में जाने की जरूरत नहीं है.







