
रांची: रांची के मोरहाबादी मैदान में चल रहे सहायक पुलिसकर्मियों के आंदोलन अब दो फाड़ हो गया है. एक गुट के लोगों का कहना है कि सरकार हमारी तीन मांगो को मान रही है, दूसरे गुट का नेतृत्व कर रहे गिरिडीह के अजय मंडल पर आंदोलन को सरकार के हाथों बेचने का आरोप लगाया गया है. यह आरोप कोई और नहीं बल्कि मोरहाबादी मैदान में डटे सहायक पुलिसकर्मियों ने लगाया है. आंदोलन आगे चले या नहीं, इसको लेकर देर रात तक मंथन जारी रहा. आंदोलन दो फाड़ हो गया है.एक पक्ष आंदोलन समाप्त करने जबकि दूसरा पक्ष आंदोलन आगे जारी रखना चाहता है. इसको लेकर देर रात हो-हंगामा भी हुआ. आपसी विवाद को देखते हुए कई जिले के सहायक पुलिसकर्मियों ने खुद को आंदोलन से दूर कर लिया. मोरहाबादी से चले गए. हालांकि, अब भी काफी संख्या में लोग डटे हुए हैं. आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया है कि जब से प्रतिनिधिमंडल मंत्री मिथिलेश ठाकुर से मुलाकात किया, उनके सुर बदल गए. नेतृत्वकर्ता ही आंदोलन समाप्त करने की सलाह दे रहे हैं. इससे साफ झलकता है कि दाल में कुछ काला है.महिला कर्मियों ने अजय मंडल को काफी बुरा-भला भी कहा. महिला कर्मियों ने यहां तक कहा कि उनके अगुआ ही जब बिक गए तो दूसरा से क्या उम्मीद करें। महिलाओं का कहना था कि अगर सरकार हमारी मांगें नहीं मानी तो आत्महत्या कर लेंगे लेकिन आंदोलन बीच में छोड़कर नहीं जाएंगे. सोमवार को तय हो जाएगा कि आंदोलन आगे जारी रहता है या नहीं. सरकार ने अनुबंध दो साल बढ़ाने और मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 13 हजार रुपये करने का प्रस्ताव दिया है. सोमवार को पक्ष और विपक्ष इस मामले को लेकर आमने सामने नजर आए.







