
जमशेदपुर : आज महालया है पितृपक्ष का अंतिम दिन, जहां लोग अपने पितरों का आह्वान कर तर्पण करते हैं. गया में पिंडदान का अलग महत्व होता है, लेकिन लोग जहां रहते हैं वहीं नदी के तट पर अपने पितरों का आह्वान कर उन्हें तर्पण करते हुए उन्हें याद करते हैं. आज के बाद कल से देवी पक्ष शुरू होते ही लोग माता की आराधना में लीन हो जाएंगे. इधर जमशेदपुर के स्वर्णरेखा नदी तट पर पितृपक्ष के अंतिम दिन लोग अपने पितरों को याद कर उन्हें तर्पण करते नजर आए. वहीं पुरोहितों ने बताया कि आज के दिन लोग अपने पितरों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं. वैसे हिंदू रीति के अनुसार इस पक्ष यानि पितृपक्ष का एक अलग ही महत्व होता है. जिसमें लोग अपने पितरों को याद करते हैं, और उनकी मुक्ति के लिए कामना भी करते हैं. ऐसी मान्यता है कि पितृपक्ष में पितर यानी पूर्वजों की आत्मा धरती पर अपने वंशजों से मुक्ति प्राप्त करने आती है.



