
नयी दिल्ली : भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यास तूफान से हुई तबाही का जायजा लिया. उन्होंने ओड़िशा और बंगाल में हुई तबाही का नजारा अपनी आंखों से देखा और किस तरह का नुकसान हुआ है, उसका पूरा नजारा हवाई जहाज से देखा. इस दौरान वे पहले ओड़िशा गये, जहां उन्होंने ओड़िशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की और नुकसान का आकलन किया. इसके बाद वे बंगाल गये. पश्चिम बंगाल में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रुके और मीटिंग की. इस बैठक में वे शामिल होने के लिए आ गये लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी करीब 35 मिनट की देर से पहुंची. बताया जाता है कि वे समीक्षा बैठक में आयी और चक्रवात से हुए नुकसान से संबंधित कागजात सौंपने के बाद अन्य बैठक होने की बात कहकर वहां से चली गयी. इसके बाद ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य में यास चक्रवात तूफान से हुई तबाही की रिपोर्ट मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री कौ सौंप दी है. उन्होंने 20 हजार करोड़ और 10 हजार करोड़ का अलग-अलग पैकेज दीघा और सुंदरबन के लिए मांगा है. उन्होंने कहा कि उनको अधिकारियों ने बताया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिलना चाहते है. इसके बाद वे मिलने गयी और उनसे इजाजत लेकर निकल गयी. यह मीटिंग कलाईकुंडा में आहूत थी. इस दौरान मीटिंग में बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ भी थे. इस दौरा के बाद प्रधानमंत्री ने ओड़िशा, पश्चिम बंगाल के साथ-साथ झारखंड को भी 500-500 करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज का ऐलान किया. बाद में नुकसान का आकलन कर सबको अलग-अलग पैकेज दिया जायेगा. यह बताया गया है कि पहले 500 करोड़ तीनों राज्यों को दिया गया है ताकि तूफान में मारे गये लोगों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और गंभीर रुप से घायल लोगों को 50 हजार रुपये दी जाये. वे इससे पहले ओड़िशा के बालासोर और भद्रक का भी दौरा करने गये थे.





