भावनगर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को गुजरात के भावनगर पहुंचे. यहां उनका भव्य स्वागत किया गया. उन्होंने यहां रोड शो किया. इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने समुद्र से समृद्धि समेत 34,200 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. पीएम मोदी ने समुद्र से समृद्धि थीम पर आयोजित प्रदर्शनी का निरीक्षण भी किया.पीएम मोदी ने यहां आयोजित जनसभा में कांग्रेस पर हमलावर होते हुए कहा कि कांग्रेस ने भारत की पूरी क्षमता को नजरअंदाज किया. पीएम मोदी ने लाइसेंस राज, विदेशी निर्भरता की आलोचना की. आत्मनिर्भर होने के अलावा भारत के पास कोई विकल्प नहीं है. (नीचे भी पढ़े)
भारत का सबसे बड़ा दुश्मन दूसरे देशों पर निर्भरता है. पीएम मोदी ने कहा, 140 करोड़ भारतीयों का एक ही संकल्प होना चाहिए, चिप हो या जहाज हो, हमें भारत में ही बनाना होगा. हम भारतीय बंदरगाहों के लिए नये सुधार करने जा रहे हैं. एक राष्ट्र, एक दस्तावेज़ और एक राष्ट्र, एक बंदरगाह प्रक्रिया व्यापार को आसान बनायेगी. पीएम मोदी ने कहा, मैं ऐसे समय में भावनगर आया हूं जब नवरात्रि का पावन पर्व शुरू होने वाला है. पीएम ने कहा, इस बार जीएसटी की दरें कम होने से बाजारों में रौनक बढ़ेगी. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, शिपिंग सेक्टर हमारे देश को हुए नुकसान का एक बड़ा उदाहरण है. भारत लंबे समय तक एक वैश्विक समुद्री शक्ति रहा है. (नीचे भी पढ़े)
हम दुनिया में सबसे बड़े जहाज निर्माण केंद्र थे. हमने सिर्फ 50 साल पहले भारत में निर्मित जहाजों का इस्तेमाल किया था. देश का शिपिंग सेक्टर कांग्रेस के कुशासन का शिकार हो गया है.भारत में जहाज निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, उन्होंने विदेशी जहाजों को किराया देने को प्राथमिकता दी. भारत में जहाज निर्माण का इको-सिस्टम ध्वस्त हो गया हम अपने 90 फीसदी व्यापार के लिए विदेशी जहाजों पर निर्भर हो गये. आज, भारत शिपिंग सेवाओं के किराए के रूप में विदेशी शिपिंग कंपनियों को लगभग 75 बिलियन डॉलर या लगभग 6 लाख करोड़ रुपये का भुगतान करता है. यह भारत के रक्षा बजट के लगभग बराबर है. (नीचे भी पढ़े)
जानकारी के अनुसार यहां से प्रधानमंत्री मोदी लोथल जायेंगे. वहां पीएम निर्माणाधीन नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स की प्रगति की समीक्षा करेंगे. जान लें कि अहमदाबाद जिले में स्थित लोथल, सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र रहा है.लोथल भारत की प्राचीन समुद्री शक्ति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए लोथल में एनएमएचसी का निर्माण किया जा रहा है, यह भारत की शानदार समुद्री विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा.



